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पेइचिंग उइगर मुसलमानों के कथित मानवाधिकार उल्लंघन को लेकर चीन पश्चिमी देशों के 15 राजदूतों का एक समूह चीन के अशांत शिनजियांग क्षेत्र में टॉप अधिकारियों के साथ बैठक करेगा।

समाचार एजेंसी रॉयटर्स को एक पत्र का ड्राफ्ट मिला है, जिसके अनुसार ये सभी राजदूत पत्र लिखकर शिनजियांग के कम्युनिस्ट पार्टी के बॉस चेन क्वांगुओ से यह आग्रह करने वाले हैं। चीन में मानवाधिकार के मसले पर इस तरह से कई देशों का सम्मिलित प्रयास काफी मायने रखता है।

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चीन को लिखे पत्र में राजनयिकों ने कहा है कि वे शिनजियांग पर संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट से काफी चिंतित हैं। पत्र के ड्राफ्ट के मुताबिक, ‘जातीय अल्पसंख्यकों के साथ जिस तरह का व्यवहार हो रहा है, उसको लेकर आ रही रिपोर्टों से हम काफी व्यथित हैं। हालात को बेहतर तरीके से समझने के लिए हम आपके साथ एक मीटिंग करना चाहते हैं।’ इस पत्र को चीन के विदेश मंत्रालय समेत दो और विभागों को भेजने की तैयारी है। फिलहाल चीन के किसी वरिष्ठ नेता का इस पर बयान नहीं आया है।

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हालांकि चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कहा कि उन्होंने ऐसा कोई पत्र नहीं देखा है और सभी राजदूतों का शिनजियांग में स्वागत है। हालांकि चुनयिंग ने यह भी कहा कि अगर वे इस मंशा के साथ जाना चाहते हैं कि शिनजियांग सरकार पर दबाव बना सकें तो निश्चित तौर पर इसमें समस्या होगी।

आपको बता दें कि चीन का शिनजियांग इलाका मुस्लिम बहुल है और यहां मुसलमानों के खिलाफ दमन की अक्सर खबरें आती रहती हैं। चीन की मुस्लिम विरोधी नीतियों को लेकर कार्यकर्ताओं, शिक्षाविदों, विदेशी सरकारों ही नहीं संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार विशेषज्ञों ने भी पेइचिंग की आलोचना की है।

अगस्त में संयुक्त राष्ट्र के एक मानवाधिकार पैनल ने कहा था कि उसे कई विश्वसनीय रिपोर्टें मिली हैं कि 10 लाख या उससे भी ज्यादा उइगरों को चीन में हिरासत में रखा गया है।  हालांकि चीन मनमाने तरीके से हिरासत में रखने के आरोपों से इनकार करता रहा है। वह ऐसे केंद्रों को एजुकेशन सेंटर बताता है।

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