इस्तांबुलः तुर्की के राष्ट्रपति तैयप एर्दोगन ने शुक्रवार को कहा कि उनका देश सीरिया से और अधिक शरणार्थियों को स्वीकार करने की स्थिति में नहीं है।

तेहरान में तुर्की, रूस और ईरान के राष्ट्रपतियों के साथ क शिखर सम्मेलन के दौरान उन्होने कहा कि सीरिया में सात वर्ष पहले शुरू हुए गृहयुद्ध के बाद से अब तक तुर्की 35 लाख शरणार्थियों को शरण दे चुका है। उन्होंने कहा कि सीरिया से और शरणार्थियों को तुर्की में नहीं आने से रोकने के लिए कदम उठाए जाएंगे।

बता दें कि सीरिया की जंग अब अपने आख़िरी दौर में प्रवेश करती दिख रही है। सीरिया और उसका सहयोगी रूस विद्रोहियों के कब्ज़े वाले इदलिब शहर पर एक बड़े हमले की तैयारी में जुटे हैं। ये प्रांत सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल-असद को सत्ता से हटाने की कोशिश कर रहे विद्रोहियों और जिहादी गुटों पर आख़िरी गढ़ है।

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संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि इदलिब में 29 लाख लोग रहते हैं जिनमें से क़रीब 10 लाख बच्चे हैं। संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों के मुताबिक इदलिब पर हमले से आठ लाख लोग विस्थापित हो सकते हैं। ऐसे में एक बड़ा मानवीय संकट खड़ा होने का खतरा है।

संयुक्त राष्ट्र में विशेष सलाहकार और सीरिया में विशेष दूत यान एगलैंड ने एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा, “इदलिब में सचमुच अब एक मानवतावादी और राजनीतिक रणनीति की ज़रूरत है और अगर ये सफल होती है तो लाखों लोगों की जानें बच जाएंगी।अगर ये नाक़ामयाब होती है तो अगले कुछ दिनों और कुछ घंटों में हम ऐसा युद्ध देखेंगे जो पिछले किसी भी युद्ध से कहीं ज़्यादा क्रूर होगा, हमारी पीढ़ी का क्रूरतम युद्ध होगा।”

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