अमेरिका और पाकिस्तान के बिगड़ते रिश्तों के बीच दोनों और से कड़े बयान आ रहे है. अमेरिकी प्रशासन पाकिस्तान पर आतंक के खिलाफ कार्रवाई को निराशाजनक करार देते हुए कहा चूका है कि अगर वह आतंकवादी संगठनों के खिलाफ ‘निर्णायक’ कार्रवाई करने में विफल रहता है तो वह अब ‘अलग तरीके’ की रणनीति अपनाएगा.

विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन ने कहा कि ‘हमने कई बार पाकिस्तान से यह कहा है कि उसे अपनी सीमाओं के भीतर आतंकवादी संगठनों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करनी चाहिए.’

उन्होंने कहा, ‘हम चाहते हैं कि पाकिस्तान यह करें. हम आपसे यह करने के लिए कह रहे हैं, हम कुछ भी नहीं मांग रहे हैं. आप एक संप्रभु देश हैं. आप फैसला करेंगे कि आप क्या करना चाहते हैं लेकिन इसे समझ लीजिए कि यह आवश्यक है. अगर आप यह नहीं करना चाहते तो हम इस उद्देश्य को हासिल करने के लिए अपनी  अलग रणनीति अपनाएंगें.

टिलरसन के इस बयान पर पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ ने गुरूवार को विदेश मामलों पर नेशनल असेंबली स्टैंडिंग कमेटी के साथ एक बैठक में कहा कि पाकिस्तान ना तो अमेरिका के सामने आत्मसमर्पण करेगा और ना ही अपनी संप्रभुत्ता से समझौता करेगा.

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने अमेरिका को स्पष्ट रूप से कहा है कि वह अफगान युद्ध में बलि का बकरा नहीं बनेगा और अमेरिका को यह पता है कि अफगानिस्तान में हुई हार के लिए पाकिस्तान जिम्मेदार नहीं है.

आसिफ ने कहा कि अफगानिस्तान में 16 साल तक सेना की तैनाती के बावजूद अमेरिका विफल रहा है इसलिए अब वहां के लिए तत्काल राजनीतिक हल जरूरी है.

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