नई दिल्ली: नागरिकता संशोधन बिल 2019 बुधवार को राज्यसभा में पास हो गया। इस बिल में पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए अल्पसंख्यकों को भारत की नागरिकता दिए जाने का प्रावधान है। बिल पास होने के बाद तीनों देशों ने अपना विरोध जताया है।

इस बिल पर भारत में अफगानिस्तान के राजदूत ताहिर कादरी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होने कहा कि वह ऐसे देशों में शामिल नहीं है जहां पर सरकार अल्पसंख्यकों के साथ भेदभाव करती हो। अफगानिस्तान के राजदूत ताहिर कादिरी ने कहा कि पिछले कुछ सालों से सरकार अफगानिस्तान में अल्पसंख्यक सिख समुदाय के हमारे भाइयों और बहनों का पूरा सम्मान कर रही है।

कादरी ने कहा कि अफगानिस्तान में तालिबान के पतन और नई सरकार के बनने के बाद खासकर इस सरकार ने अफगानिस्तान के अल्पसंख्यकों का ध्यान रखा है। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान की मौजूदा सरकार सिख भाई-बहनों का सम्मान करती है। तारिक कादरी ने कहा कि अफगानिस्तान की संसद में सिख भाई-बहनों के लिए सीट सुरक्षित रखा गया है।

इस के अलावा राष्ट्रपति के कार्यालय में सिख समुदाय का एक विशेष दूत नियुक्त किया गया है। तारिक कादरी ने कहा कि इस मुद्दे पर अफगानिस्तान की तुलना पाकिस्तान से नहीं करनी चाहिए। अफगानिस्तान की सरकार के मुताबिक भारत में जो अफगानी सिख रहते हैं उन्हें वहां की सरकार आईडी कार्ड दे रही है, ताकि उनकी पहचान हो सके। उन्होंने कहा कि इससे पता चलता है कि हम अल्पसंख्यक समुदाय खासकर सिखों का सम्मान करते हैं।

राजदूत ताहिर कादरी ने कहा कि अफगानिस्तान में सभी समुदायों ने युद्ध का दंश झेला है और अफगानिस्तान में इससे भारी नुकसान हुआ है। हमलोग सभी को, बिना उनकी धार्मिक पहचान पर विचार किए, सम्मान देने की कोशिश कर रहे हैं।

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