फिलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने अपनी खुशी व्यक्त करने के लिए रविवार को तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोआन को फोन किया और हागिया सोफिया को वापस मस्जिद में बदल देने के फैसले पर बधाई दी।

अब्बास ने तुर्की के लोगों को इस कदम के लिए बधाई दी। उन्हें उम्मीद है कि इस्लामी दुनिया के लिए यह कदम शुभ होगा, तुर्की के संचार निदेशालय ने इस बात की जानकारी दी है।

राष्ट्रपतियों की बातचीत के दौरान, तुर्की-फिलिस्तीन संबंधों और क्षेत्रीय विकास पर भी चर्चा की गई। राष्ट्रपति एर्दोआन ने फिलिस्तीन और फिलिस्तीनी लोगों का समर्थन जारी रखने के लिए तुर्की की प्रतिबद्धता की फिर से पुष्टि की।

10 जुलाई को, तुर्की की एक अदालत ने 1934 के कैबिनेट के फैसले को रद्द कर दिया, जिसने हागिया सोफिया मस्जिद को संग्रहालय में बदल दिया था। अदालत के फैसले ने ऐतिहासिक इमारत को मस्जिद के रूप में फिर से खोलने का मार्ग प्रशस्त किया।

पिछले शुक्रवार, 86 वर्षों के बाद,हागिया सोफिया में शुक्रवार की नमाज आयोजित की गई थीं। यह न केवल तुर्की में बल्कि दुनिया भर में मुसलमानों के लिए उत्सव का कारण था। हजारों लोग नमाज में शामिल हुए, और राष्ट्रपति एर्दोगन ने भी शिरकत की।

1453 में कॉन्स्टेंटिनोपल (अब इस्तांबुल) की विजय तक हागिया सोफिया ने 916 वर्षों तक एक चर्च के रूप में कार्य किया। फिर ईसाई अधिकारियों से सुल्तान द्वारा इसे खरीदा गया, यह 1934 तक एक मस्जिद रही। 1985 में, यूनेस्को की विश्व विरासत सूची में एक संग्रहालय के रूप में, हागिया सोफिया को जोड़ा गया।

Loading...
लड़के/लड़कियों के फोटो देखकर पसंद करें फिर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें

 

विज्ञापन