नई दिल्ली | म्यांमार में रोहिंग्या मुस्लिमो पर हो रहे हमलो की वजह से पूरी दुनिया में आलोचना झेल रही म्यांमार की स्टेट काउंसलर आंग सान सु ने पहली बार चुप्पी तोड़ी है. उन्होंने रोहिंग्या मुस्लिमो पर आतंकी हमलो में शामिल होने का आरोप लगाते हुए कहा की रखाईन इलाके में बोद्धो पर हमले कराये गए. लेकिन हम उस इलाके में शांति स्थापित करने के लिए हरसंभव कदम उठा रहे है. सु ने अन्तराष्ट्रीय समुदाय की आलोचना का जवाब देते हुए कहा की हम किसी भी आलोचना से डरने वाले नही है.

रोहिंग्या मुस्लिमो पर पहली बार प्रतिक्रिया देते हुए सु ने कहा की हमने रोहिंग्या लोगो को म्यांमार में शरण दी. इसका नतीजा यह हुआ की रखाइन में बोद्धो पर हमले किये गए. ये हमले रोहिग्या लोगो ने कराये है. लेकिन हमारे सुरक्षाबल हर हालात और आतंकी खतरे से निपटने में सक्षम है. फिर भी सरकार इस इलाके में शांति की कोशिश कर रही है. रखाइन की सामाजिक स्थिति जटिल होने के कारण हम काफी समस्याओ का सामना कर रहे है.

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सु ने शांति प्रयासों के बारे में बताते हुए कहा की हमने  रखाइन स्टेट में शांति स्थापित करने के लिए केंद्रीय कमेटी बनाई है. इसी अगुवाई हमने डॉ कोफ़ी अन्नान को सौपी है.  रोहिंग्या मामले में जितने भी आरोप हमारे ऊपर लगाए गए है हम उन्हें सुनेंगे और जो भी दोषी होगा उस पर कार्यवाही जी जायेगी. अन्तराष्ट्रीय समुदाय की आलोचना पर उन्होंने कहा की हम मानवाधिकार उलंघनो की निंदा करते है लेकिन किसी भी आलोचना से हम डरने वाले नही है.

म्यांमार से पलायन करने वाले रोहिंग्या मुस्लिमो पर सु ने कहा की हम उनसे बात करना चाहते है. इसलिए जो भी म्यांमार वापिस लौटना चाहता है हम उनके लिए रिफ्यूजी वेरिफिकेशन प्रक्रिया शुरू करेंगे. इससे पहले आतंकी हाफिज सईद ने दुनिया के सभी मुसलमानों से रोहिंग्या मुद्दे पर एक साथ आने की अपील की. हाफिज ने कहा की रोहिंग्या मुस्लिमो के बलिदान से ही मुस्लिम समाज एक हो रहा है. इसलिए हमें जल्द ही कुछ न कुछ करना चाहिए.

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