संयुक्त राष्ट्रसंघ की मानवाधिकार परिषद ने म्यांमार में सुरक्षा बलों द्वारा रोहिंग्या मुस्लिमों के जनसंहार की जांच के लिए एक टीम भेजने का फैसला किया हैं.

मानवाधिकार परिषद ने रोहिंग्या मुसलमानोंं पर हो रहे अत्याचार में म्यंमार की सरकार और सेना को बताते हुए निंदा की हैं. वहीँ दूसरी और सयुंक्त राष्ट्रसंघ में म्यंमार के प्रतिनिधि ने मानवाधिकार परिषद के निर्णय को अस्वीकार्य बताया है. हालांकि म्यंमार की यात्रा कर चुके राष्ट्रसंघ के विशेष प्रतिनिधि ने रोहिंग्या मुसलमानोंं पर हो रहे अत्याचार की पुष्टि की थी.

संयुक्त राष्ट्र की अधिकारी यांघी ली ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि रोहिंग्याओं पर म्यांमार सरकार ने ऐसे जुल्म किए कि उनके बारें में सोचा भी नही जा सकता हैं. ली ने रोहिंग्या शरणार्थियों ने उन्हें म्यांमार के सैनिकों द्वारा महिलाओं के साथ सामूहिक बलात्कार के बारे में बताया था. इसके साथ ही उन्होंने बताया था कि उनके सामने ही उनके लोगों के सिर शरीर से अलग कर दिए गए. उनके बच्चों को भड़कती हुई आग में फेंक दिया गया.

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वहीँ संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार कार्यालय की और से जारी रिपोर्ट में कहा गया कि ‘Area clearance operations’ के नाम पर सैकड़ों की संख्या में हत्याएं हुई हैं.

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