आतंकवादी हमले में मारे जाने वाले 800 लोगों के परिवार वालों ने, सऊदी अरब द्वारा आतंकवादियों की सहायता करने का आरोप लगाते हुए अदालत में रियाज़ के विरुद्ध शिकायत की है।

पेक्स 11 न्यूज़ एजेंसी ने ब्रेकिंग न्यूज़  लिखा है कि इस आतंकवादी हमले में मारे जाने वाले 800 लोगों के परिवार वालों ने, सऊदी अरब द्वारा आतंकवादियों की सहायता करने का आरोप लगाते हुए अदालत में रियाज़ के विरुद्ध शिकायत की है।

अमरीकी न्यूज़ एजेंसी ने सोमवार के दिन, वर्ल्ज ट्रेड सेंटर पर हुए आतंकवादी हमले में मारे जाने वाले लोगों के परिवार द्वारा सऊदी अरब में शिकायत किए जाने की ख़बर दी है।

9/11 के हमले में शामिल 19 आतंकवादियों में से 15 सऊदी अरब के नागरिक थे। एफ़बीआई द्वारा पिछले साल प्रकाशित किए गए गोपनीय दस्तावेज़ बताते हैं कि इन आतंकवादियों में से कुछ वाशिंगटन में सऊदी दूतावास के संपर्क में थे।

पिछले साल सरकार के विरुध के बावजूद संसद में पास हुए क़ानून के अनुसार इस हमले में मारे जाने वालों के परिवार वाले इस महले में शामिल विदेशी सरकारों के विरुद्ध शिकायत कर सकते हैं।

पेक्स 11 न्यूज़ एजेंसी ने लिखा कि हमले में मारे जाने वालों के परिवार वालों ने प्रकाशित हो चुके गोपनीय दस्तावेज़ों के आधार पर मैनहटन की एक फेडरल अदालत में शिकायत दर्ज कराई है।

यह दस्तावेज़ बताते हैं कि वाशिंगटन में सऊदी दूतावास के कर्मचारियों ने “सालिम अलहामेज़ी” और “ख़ालिद अलमहज़ार” नाम के दो प्लेन हाइजैकरों को घर दिलाने, इंग्लिश सीखने और प्लेन उड़ाने का लाइसेंस दिलाने में सहायता की है।

दस्तावेज़ों के अनुसार जर्मनी में सऊदी अरब के दूतावास ने एक दूसरे हमलावर “मोहम्मद अलअता” के साथ सहयोग किया है, सऊदी अरब का एक अधिकारी हमले की रात वर्जीनिया के उसी होटल में ठहरा था जिसमें हमलावर ठहरे थे।

इस मुक़दमे की पैरवी करने वाली लॉ फ़र्म क्रेंदलर एंड क्रेंदलर का कहना है कि सऊदी अरब के शाही ख़ानदान ने भी कट्टरपंथियों का समर्थन खो देने के डर ने इस बात की जानकारी रखते हुए कि सऊदी अरब के चैरेटी संगठन अलक़ायदा की सहायता कर रहे हैं, को अनदेखा किया है।

वादियों के वकील “जिम क्रेंदलर” ने पेक्स से कहाः यह चैरेटी संगठन सऊदी सरकार के बहुत क़रीबी हैं।

बताया जा रहा है कि अमरीका द्वारा प्रतिबंधित चैरेटी संगठन “अलहरमैन” उन टैरेटी संगठनों में से था जिन्होंने अलक़ायदा के लिए पैसा एकत्र किया था।

इस वकील के अनुसार इन संगठनों का उस समय के अलक़ायदा सरग़ना ओसामा बिन लादेन से सीधें संपर्क था और इस चीज़ की जानकारी सऊदी अरब की सरकार को भी थी।

उन्होंने कहाः “सऊदियों ने बहुत धोखेबाज़ी की है, वह दावा करते हैं कि ईरान के विरुद्ध अमरीका के सहयोगी है, लेकिन इसी के साथ वह आतंकवादियों का सहयोग करते हैं, और इसमें कोई संदेह नहीं है कि 9/11 के हमलों में भी उनकी संलिप्ता थी।”

बताया जा रहा है कि सऊदी अरब की सरकार कोशिश कर रही हैकि अमरीका की नई सरकार को आतंकवादियों के समर्थकों को सज़ा दिए जाने वाले क़ानून जास्टा “JASTA” पर रोक लगाने के लिए मना सके, इस क़ानून ने रियाज़ के विरुद्ध शिकायत करने के दरवाज़े को खोल दिया है।

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