कृषि कानूनों के खिलाफ जारी किसानों के आंदोलन को पूरा एक महीने का वक्त हो चुका है। लेकिन न तो सरकार कृषि कानूनों को वापस लेने और नहीं किसान अपनी मांग से वापस पीछे हटने के लिए तैयार है। इसी बीच इस मामले में अमेरिका के सात सांसदों ने अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो को लेटर लिखा है।

पत्र में पोम्पियो से अपील की गई है कि वे किसान आंदोलन के मुद्दे पर भारत सरकार से बातचीत करें। चिट्ठी में लिखा है कि किसान आंदोलन की वजह से कई भारतीय-अमेरिकी प्रभावित हो रहे हैं। उनके रिश्तेदार पंजाब या भारत के दूसरे राज्यों में रहते हैं। इसलिए आप अपने भारतीय समकक्ष (विदेश मंत्री एस जयशंकर) के सामने यह मुद्दा उठाएं।

आगे सांसदों ने चिट्ठी में कहा है, “हम मौजूदा कानून के अनुपालन में राष्ट्रीय नीति निर्धारण के लिए भारत सरकार के अधिकार का सम्मान करते हैं। हम उन लोगों के अधिकारों को भी स्वीकार करते हैं जो शांतिपूर्ण तरीके से भारत और विदेशों में इस कानून के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।”

भारत ने विदेशी नेताओं और राजनेताओं द्वारा किसानों के विरोध पर की गई टिप्पणियों को ”अनुचित” और ”अधूरी व गलत सूचना पर आधारित” करार दिया है। इसके साथ ही कहा है कि यह मामला एक लोकतांत्रिक देश के आंतरिक मामलों से संबंधित है।

चिट्ठी लिखने वालों में भारतीय मूल की प्रमिला जयपाल भी शामिल हैं। 55 बरस की प्रमीला लगातार तीसरी बार हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स पहुंची हैं. प्रमीला का जन्म भारत के चेन्नई में हुआ था।  साल 2016 में प्रमिला हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स पहुंचने वाली पहली भारतीय-अमेरिकन महिला बनी थीं।

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