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म्यांमार में रोहिंग्या मुस्लिमों के खिलाफ हिंसा रुकने का नाम नहीं ले रही है. अमेरिका के सबसे बड़े मानवाधिकार संगठन, ह्यूमन राइट्स वॉच (एचआरडब्ल्यू) ने दावा किया कि दुबारा शुरू हुई हिंसा में रोहिंग्याओं के 40 से ज्यादा गांव जला दिए गए.

सोमवार को एचआरडब्ल्यू ने कहा, अक्टूबर से नवंबर के बीच सैन्य अभियान के दौरान राखिने में 40 गांव जला दिए गए. एचआरडब्ल्यू ने उपग्रह द्वारा प्राप्त तस्वीरों के आधार पर कहा कि अक्टूबर और नवंबर के बीच पूर्ण और आंशिक तौर पर 354 गाव जलाए गए..

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एचआरडब्ल्यू एशिया के निदेशक ब्रैड एडम्स ने कहा कि रोहिंग्या गांवों को निरंतर खत्म किए जाने से पता चलता है कि निर्वासित शरणार्थियों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता केवल एक दिखावा था.

एडम्स ने कहा, ‘उपग्रह की तस्वीरों से पता चलता है कि रोहिंग्या के गांवों को लगातार नष्ट किया जा रहा है, जिसे म्यांमार सेना खारिज कर रही है. म्यांमार सरकार ने शरणार्थियों की वापसी की प्रतिबद्धता को गंभीरता से नहीं लिया है.

गौरतलब रहे कि 25 अगस्त के बाद राखिने में म्यांमार सेना और बौद्ध चरमपंथियों के हमले के चलते 7 लाख के करीब रोहिंग्याओं को पड़ोसी देश बांग्लादेश में शरण लेना पड़ा है.