Saturday, June 19, 2021

 

 

 

अज़रबैजान के साथ जंग में अर्मेनिया के 4.8 अरब डॉलर के हथियार हुए नष्ट

- Advertisement -
- Advertisement -

नागोर्नो-करबाख को लेकर अज़रबैजान और अर्मेनिया के बीच हुई जंग में अर्मेनिया को न केवल हार का सामना करना पड़ा। बल्कि उसके 4.8 अरब डॉलर के हथियार भी नष्ट हो गए।

अज़रबैजान स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ इकोनॉमिक्स (UNEC) में शिक्षाविदों ने 44-दिवसीय युद्ध के दौरान हथियारों और वाहनों में अर्मेनियाई सेना के भौतिक नुकसान की गणना की।

27 सितंबर को शुरू हुई दोनों देशों के बीच ये जंग 44 दिन तक चली। पहले दिन से ही अज़रबैजान की सेना अर्मेनिया पर भारी रही। ऑपरेशन के पहले दिन से, अजरबैजानियों ने भूमि और हवा दोनों से अर्मेनियाई बलों पर तीव्र हमले किए।

इस दौरान अजरबैजान के खरीदे हुए तुर्की निर्मित यूएवी ने अर्मेनियाई सेना को सबसे बड़ी क्षति पहुंचाई, जिसने मोटी कंक्रीट की दीवारों के पीछे तक निशान छोड़ दिये।

पूर्व सोवियत गणराज्यों के बीच संबंध 1991 से तनावपूर्ण हैं जब अर्मेनियाई सेना ने नागोर्नो-कराबाख पर कब्जा कर लिया था, जो एक क्षेत्र अजरबैजान के हिस्से के रूप में मान्यता प्राप्त था।

27 सितंबर को नई झड़पें हुईं, तो अर्मेनियाई सेना ने नागरिकों और अज़रबैजानी बलों पर हमले शुरू किए और कई मानवीय संघर्ष विराम समझौते का उल्लंघन किया। संघर्ष के दौरान, अजरबैजान ने कई शहरों और लगभग 300 बस्तियों और गांवों को अर्मेनियाई कब्जे से मुक्त कराया।

दोनों देशों ने एक व्यापक संकल्प की ओर बढ़ते हुए लड़ाई को खत्म करने के लिए 10 नवंबर को रूस की मध्यस्था में समझौते पर हस्ताक्षर किए। जिसे अजरबैजान के लिए एक जीत और आर्मेनिया के लिए एक हार के रूप में देखा जाता है, जिसकी सशस्त्र सेना समझौते के अनुरूप वापस जा रही है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot Topics

Related Articles