मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद को पाकिस्तान की एक आतंकवाद रोधी अदालत ने बुधवार को दो मामलों में साढ़े पांच-साढे़ पांच साल कैद की सजा सुनाई। सईद के खिलाफ आतंकी फंडिंग, मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध कब्जे के कुल 23 मामले दर्ज हैं।

पिछले हफ्ते लाहौर की आतंकवाद रोधी अदालत (एटीसी) ने प्रतिबंधित जमात-उद-दावा (जेयूडी) के सरगना हाफिज सईद के खिलाफ आतंकवादी फंडिंग से जुड़े दो मामलों में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। ये मामले आतंकवाद रोधी विभाग (सीटीडी) की लाहौर और गुजरांवाला शाखाओं की ओर से दाखिल किए गए हैं।

एंटी टेररिज्म कोर्ट (एटीसी) ने उसके 4 सहयोगियों पर भी आरोप तय किए थे। सभी के खिलाफ एंटी टेरेरिज्म एक्ट 1997 के तहत, टेरर फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले दर्ज हुए थे। हाफिज सईद को पिछले साल 17 जुलाई को गिरफ्तार किया गया था। तब से वह लाहौर की कोट लखपत जेल में बंद है।

सरकार की तरफ से मुफ्ती अब्दुर रऊफ वाटो ने अपना पक्ष रखा और गवाहियां पेश कीं। उनके मुताबिक इस दौरान 23 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। वाटो के मुताबिक हाफिज सईद आतंकवादियों के लिए चैरिटी के जरिये गैरकानूनी तरीके से फंड जमा करता रहा है।

अदालत के एक अधिकारी ने बंद कमरे में हुई सुनवाई के बाद कहा कि हाफिज ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को खारिज किया। उसने अपना अपराध स्वीकार नहीं किया। हाफिज ने अदालत में खुद को निर्दोष बताया और कहा कि उसे फंसाया जा रहा है।

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