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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के तेलअवीव जेरुसलम को इजराइल की राजधानी घोषित करने के ऐलान के बाद अब तक 187 फ़िलिस्तीनी अपनी शहादत दे चुके है.

बैतुल मुक़द्दस शोध केन्द्र ने कहा है कि 14 मई 2018 के बाद से अब तक ज़ायोनियों के हमलों में 187 फ़िलिस्तीनी शहीद हुए हैं. इन शहीदों में 31 बच्चे, 2 पत्रकार और एक नर्स भी शामिल है.

वहीँ दूसरी और फिलिस्तीनियों का अब भी ग़ज्ज़ा की सीमा पर प्रदर्शन जारी है. 14 मई को प्रदर्शनकारियों पर फ़ायरिंग करके इजराइल पहले ही 60 से अधिक प्रदर्शनकारियों को मौत के घाट उतार चूका है.

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इस फ़ायरिंग में क़रीब 3000 प्रदर्शनकारी घायल भी हुए हैं, जिनमें से कई की हालत गंभीर बनी हुई है और ग़ज्ज़ा की घेराबंदी की वजह से उनका इलाज भी नहीं हो पा रहा है.

इतना ही नहीं अब इजराइल मेडिकल सर्विसेज को भी निशाना बना रहा है. शुक्रवार(1 जून) को गाजा पट्टी के अंदर इजरायली सेना ने जुमा के दिन एक फिलीस्तीनी महिला नर्स की कथित-तौर पर गोली मार कर हत्या कर दी.

अल अरबिया डॉट नेट की रिपोर्ट के मुताबिक, 21 वर्षीय रजान अल-नज्जर ने एक चिकित्सा सहायक के रूप में काम करती थी और विरोध प्रदर्शन के दौरान इजरायल की गोलीबारी से फिलिस्तीनियों को घायल होने पर उनका उपचार करती थी.

फिलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता डॉ अशरफ अलकदरा ने बताया कि इजरायली सेना की फायरिंग से 22 वर्षीय नर्स रज़ान अशरफ अलनजार तब शहीद हुईं जब दक्षिण गाजा के क्षेत्र खान यूनुस में वह घायल प्रदर्शनकारियों को चिकित्सा प्रदान कर रही थीं.

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