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बुधवार को अल्जीरिया और तुर्की ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में ग़ज़्ज़ा पट्टी में आम फ़िलिस्तीनी नागरिकों की हत्या के विरोध मे इजराइल के खिलाफ प्रस्ताव पेश किया। जिस पर दुनिया के 120 देशों ने एक स्वर में इजराइल की आलोचना की।

इस प्रस्ताव में संयुक्त राष्ट्र महासचिव एन्टोनियो गुटेरेस से मांग की गई कि वह 60 दिन के भीतर इजराइल के अत्याचार से फ़िलिस्तीनी जनता की सुरक्षा, रक्षा और हित को सुनिश्चित करे।

इस प्रस्ताव में इजराइल की और से ग़ज़्ज़ा के भीतर और बाहर आवाजाही पर लगायी गयी पाबंदियों को ख़त्म करने के लिए तुरंत क़दम उठाने की भी मांग की गयी। इस प्रस्ताव को 193 सदस्यीय महासभा के 120 सदस्यों का समर्थन मिला, जबकि 8 वोट इसके विरोध में पड़े और 45 सदस्यों ने इसमें भाग नहीं लिया।

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इस प्रस्ताव को रोकने के लिए अमेरिका ने भी संशोधित प्रस्ताव पेश किया था। लेकिन उसे कामयाबी नहीं मिल पाई। अमरीका ने हिंसा के लिए इजराइल के बजाय हमास को जिम्मेदार ठहराया था। अमरीका के इस प्रस्ताव के पक्ष में 62 और विरोध में 58 वोट पड़े जबकि 42 ने भाग नहीं लिया।

बता दें कि 2 जून को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में कुवैत द्वारा पेश किए गए प्रस्ताव को भी अमरीका ने वीटो कर दिया था जिसके बाद प्रस्ताव के समर्थक देशों ने महासभा में इजराइल के ख़िलाफ़ प्रस्ताव पेश किया। ध्यान रहे इजराइल  131 फ़िलिस्तीनी को शहीद को कर चुका है। वहीं इजराइल सैनिको के हमले मे 13900 घायल हुए हैं।