Tuesday, December 7, 2021

पेगासस जासूसी मामले की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सर्कार को किया कटघरे में खड़ा

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सुप्रीम कोर्ट ने पेगासस जासूसी मामले की जांच के लिए एक तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है. इस समिति में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज आरवी रविंद्रन, आलोक जोशी और संदीप ओबेरॉय होंगे।

पेगासस मामले (Pegasus Case) में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने केंद्र सरकार को झटका देते हुए कहा कि पेगासस केस की जांच होगी, कोर्ट ने जांच के लिए एक्सपर्ट कमेटी का गठन भी कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने ये फ़ैसला कई याचिकाओं के जवाब में दिया है जिनमें कोर्ट से पेगासस जासूसी मामले में अदालत की निगरानी में स्वतंत्र जांच की मांग की गई थी। याचिकाओं में इस बात पर चिंता जताई है कि प्रौद्योगिकी का उपयोग कैसे किया जा सकता है ? प्रेस की स्वतंत्रता के महत्वपूर्ण है, जो लोकतंत्र का महत्वपूर्ण स्तंभ है, पत्रकारों के सूत्रों की सुरक्षा भी जरूरी है। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि देश के प्रत्येक नागरिक को उनकी निजता के अधिकार के उल्लंघन से बचाया जाना चाहिए। पेगासस जासूसी का आरोप प्रकृति में बड़े प्रभाव वाला है। अदालत को सच्चाई का पता लगाना चाहिए। कोर्ट ने केंद्र को कटघरे में खड़ा किया और कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं को उठाकर सरकार को हर बार फ्री पास नहीं मिल सकता। न्यायिक समीक्षा के खिलाफ कोई सर्वव्यापी प्रतिबंध नहीं है। केंद्र को यहां अपने रुख को सही ठहराना चाहिए था। अदालत को मूकदर्शक बनाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए थी। केंद्र को बार-बार मौके देने के बावजूद उन्होंने सीमित हलफनामा दिया जो स्पष्ट नहीं था। अगर उन्होंने स्पष्ट किया होता तो हम पर बोझ कम होता। कोर्ट राष्ट्रीय सुरक्षा का अतिक्रमण नहीं करेगा, लेकिन इससे न्यायालय मूकदर्शक नहीं बनेगा। विदेशी एजेंसियों के शामिल होने के आरोप हैं, जांच होनी चाहिए।

क्या है मामला?

इसराइल की सर्विलांस कंपनी एनएसओ ग्रुप के सॉफ्टवेयर पेगासस का इस्तेमाल कर कई पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, नेताओं, मंत्रियों और सरकारी अधिकारियों के फ़ोन की जासूसी करने का दावा किया था। 50 हज़ार नंबरों के एक बड़े डेटा बेस के लीक की पड़ताल द गार्डियन, वॉशिंगटन पोस्ट, द वायर, फ़्रंटलाइन, रेडियो फ़्रांस जैसे 16 मीडिया संस्थानों के पत्रकारों ने की इसी मामले की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दायर की गई थीं।

सुप्रीम कोर्ट के चीफ़ जस्टिस की अध्यक्षता वाली पीठ ने पेगासस स्पाइवेयर मामले में सभी याचिकाओं की सुनवाई के बाद 13 सितंबर को अपना फ़ैसला सुरक्षित रख लिया था। आठ हफ़्ते के बाद इस मामले की फिर सुनवाई होगी. यानी आठ हफ़्ते में यह कमेटी सुप्रीम कोर्ट को अपनी अंतरिम रिपोर्ट सौंपेगी।

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