Saturday, December 4, 2021

गलवान घाटी का लेंगे बदला शिव के त्रिशूल से भारतीय सैनिक

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पिछले साल चीन की सेना ने लद्दाख (Ladakh) के गलवान घाटी इलाके (Galwan Valley Clash) में भारतीय सैनिकों पर डंडों, टीजर गन और अन्‍य हथियारों से हमला किया था। इसके बाद भारतीय जवानो ने भी इसका मुंहतोड़ जवाब दिया था. जिसके बाद भारत और चीन के बीच तनाव भी काफी बढ़ गया था. इस घटना के बाद भारतीय सुरक्षाबलों की ओर से नोएडा की एक कंपनी को वास्‍तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर चीनी सैनिकों से निपटने लायक हल्‍के मारक या कम जानलेवा हथियार बनाने को कहा गया था. अब इस कंपनी ने ऐसे कई हथियार बनाए हैं, जो चीनी सैनिकों को मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम हैं.

जब इस कंपनी को आर्डर दिया गया था तो ऐसे में कंपनी ने एक ऐसा अनोखा हथियार तैयार किया जो भगवान शिव के त्रिशूल से प्रेरित है. एपेस्‍टेरॉन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के चीफ टेक्‍नोलॉजी ऑफिसर मोहित कुमार ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया की गलवान घाटी की घटना के बाद हमें सुरक्षाबलों की ओर से कम जानलेवा हथियार बनाने के लिए कहा गया था. हम चीनी सेना के पास भी ऐसे हथियार देख सकते हैं.

इसके आगे उन्होंने कहा की, ‘हमने ऐसी टीजर गन और कम जानलेवा हथियार बनाए हैं, जो हमारे पारंपरिक हथियारों से प्रेरित हैं.’ उनका कहना है कि इसी में लोहे के कांटे लगे डंडे को बनाया गया है. इसका नाम वज्र रख गया है और यह हथियार दूसरे सैनिकों के साथ मुठभेड़ के समय काम आएगा. साथ ही इससे बुलेट प्रूफ वाहनों को पंचर भी किया जा सकता है. यह वज्र हथियार अपने कांटों से बिजली का झटका भी दे सकता है. जब भी हाथापाई या हल्‍की लड़ाई होगी तो यह सामने वाले सैनिक को कुछ ही सेकंड में बेहोश कर सकता है.

इसके साथ ही कम्पनी ने एक त्रिशूल भी बनाया गया है. इसके जरिये दुश्‍मनों के वाहनों को अपने क्षेत्र में घुसपैठ करने से रोकने और दुश्मनो से लड़ने में आसानी होगी इसके अलावा एक खास दस्‍ताना विकसित किया गया है. इसका नाम सैपर पंच है इसका काम ये है की इसे हाथ में पहनकर सामने खड़े व्‍यक्ति को अगर मारा जाए जो इससे बिजली का झटका निकलता है, जिससे सामने वाला व्‍यक्ति तुरंत बेहोश हो जाएगा. साथ ही इसे ठंड में दस्‍ताने के रूप में भी इस्‍तेमाल किया जा सकता है जो सैनिको को आराम देगा

इन हथियारों की अगर क्षमता के बारे में बात करे तो कुमार ने जानकारी दी है कि इन हथियारों से किसी की मौत नहीं होगी और ना ही कोई गंभीर रूप से घायल होगा. लेकिन जब भी हाथापाई होगी तो ये दुश्‍मनों को कुछ ही से‍कंड में पस्‍त कर सकते हैं. उन्‍होंने यह भी स्‍पष्‍ट किया है कि इन हथियारों को सिर्फ सुरक्षाबलों और लॉ इंफोर्समेंट एजेंसियों को ही मुहैया कराया जाएगा.

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