Friday, September 24, 2021

 

 

 

इन लक्षणों से जाने के आपमें हैं विटामिन्स की कमी और कैसे करे इसकी कमी पूरी

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हमारे शरीर और दिमागी विकास के लिए विटामिन का होना बेहद ज़रूरी हैं लेकिन जब आपके शरीर में कुछ महत्वपूर्ण विटामिनों की कमी होती है तो, शरीर इसके कुछ संकेत देने लगता है. विटामिन की कमी शरीर और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकती है और इसके कारण आपको बीमारियों का सामना करना पड़ सकता हैं.

आज की प्रोसेस्ड फूड डाइट के चलते तो यह आम बात होती जा रही है विशेषज्ञ बताते हैं कि ले ही विटामिनों की कमी से आपको कोई रोग ना हो, लेकिन दैनिक जीवन के काम-काज में इसके कारण कई समस्याएं हो सकती हैं जिसके कारण आपकी लाइफ अस्त व्यस्त हो सकती हैं

क्योंकि विटामिन शरीर में सभी जैव रासायनिक प्रतिक्रियाओं के लिए सह-कारक हैं और हमें ठीक ढंग से काम करने के क्रम में इनकी बेहद जरूरत होती है. इसीलिए यहा हम आपको बतायेंगे की किस प्रकार आप इन लक्षण के द्वारा यह पता लगा सकते हैं की आप विटामिन की कमी के शिकार है या नहीं.

मुंह के कोनों में दरारें पड़ना

यह नियासिन (बी 3), राइबोफ्लेविन (बी 2), और बी 12, आयरन, ज़िंक, और विटामिन बी की कमी का लक्षण है. शआकाहारी लोगों में  यह आम होता है,  इससे बचने के लिए दाल, अंडा, मछली, ट्यूना, क्लेम, टमाटर, मूंगफली, और फलियां आदि खाएं और इस कमी को पूरा करे.

चेहरे पर लाल दाने आयर बालो का झड़ना 

यह अकसर बायोटिन (बी 7) जिसे कि हेयर विटामिन के नाम से भी जाना जाता है, की कमी से होता है, जब आपका शरीर वसा में घुलनशील विटामिन (जैसे ए, डी, ई, के आदि) का भंडारण कर रहा होता है तो यह पानी में घुलनशील, विटामिन बी को नहीं बचाता है  इससे बचने के लिए आप पकाए हुए अंडे, सामन, एवकाडो, मशरूम, फूलगोभी, सोयाबीन, नट, रसभरी व केले आदि का सेवन करें इससे आपकी यह कमी दूर होगी.

लाव व सफेद एक्ने 

ऐसा आमतौर पर आवश्यक फैटी एसिड और विटामिन ए और डी की कमी से होता है इससे बचने के लिए संतृप्त वसा और ट्रांस वसा का सेवन कम करें और और स्वस्थ वसा में वृद्धि करेंऔर इसे अपने खाने में शामिल करे. आप चाहें तो केवल डॉक्टर की सलाह से इसके लिए सप्लीमेंट भी ले सकते हैं.

झुनझुनी, चुभन, और स्तब्ध होना

यह विटामिन बी ,जैसे फोलेट (B9), बी -6, और बी 12 की कमी के कारण होता है जिसके कारण आपको चुभन वा झुनझुनी चढ़ती है  यह परिधीय नसों और जहां वे खतम होती हैं, वहां से संबंधित एक समस्या होती है।.

इन लक्षणों के साथ चिंता, अवसाद, एनीमिया, थकान, और हार्मोन असंतुलन आदि भी देखे जा  सकते हैं जो आपको इस बात की ओर इशारा करते हैं की आप इन कमियों से पीड़ित है.  इससे बचने के लिए पालक, शतावरी, बीट, सेम, अंडे आदि का सेवन करना चहिए.

मांसपेशियों में ऐंठन

पैर की उंगलियों, पैरों की मेहराब में दर्द, पैरों के पीछे की ओर दर्द व ऐंठन मैग्नीशियम, कैल्शियम और पोटेशियम आदि की कमी के कारण होत है. इससे बचने के लिए केले, बादाम, अखरोट, स्क्वैश, चेरी, सेब, अंगूर, ब्रोकोली आदि का नियमित रूप से सेवन करे.

मसूडों की बीमारियां

मसूड़ों की बीमारी किसी भी उम्र में हो सकती है और यह बिमारी तब होती हैं जब आपके शरीर में प्रोटीन की कमी हो जाती हैं,  लेकिन 35 वर्ष की उम्र के बाद मसूड़ों की बीमारी का खतरा बढ जाता है और अगर शरीर में प्रोटीन की कमी हो तो इस उम्र में हर चार में से तीन लोग मसूड़ों की बीमारी से पीड़ित होते हैं. प्रतिदिन 1000 मिलीग्राम प्रोटीन और विटामिन खाने से मसूडों की समस्या कम होती है.

मल्टीपल स्क्लेरोसिस

जिन लोगों में विटामिन ‘डी’ की कमी होती है उन्हें मल्टीपल स्क्लेरोसिस होने का जोखिम अधिक रहता है हाल ही में हुए कनाडा में हुए एक शोध के अनुसार सूरज की रोशनी से मिलने वाला यह विटामिन मल्टीपल स्क्लेरोसिस (एमएस) को रोकता है. स्क्लेरोसिस में अंग या टिश्यू  कठोर हो जाते हैं, इस अध्ययन की रिपोर्ट मांट्रियल में मल्टीपल स्क्लेरोसिस पर आयोजित एक सम्मेलन में प्रस्तुत की गई थी.

here we are talking about the symptoms of having vitamins deficiency and know what to eat to overcome this problem

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