high blood pressure

high blood pressure

हाई ब्लड प्रेशर या उच्च रक्तचाप की बिमारी आजकल आम हो गयी हैं, इसका कारण हमारी बदलती हुई जीवनशैली या खराब खान-पान होता हैं, अच्छी नींद ना लेना, आनुवंशिकता या और भी कई कारण हो सकते हैं इस कारण हमे उच्च रक्तचाप की बिमारी हो जाती हैं जो अपने साथ कई और बीमारियों को भी लाती हैं.

हमारी ज़िन्दगी में सिर्फ दो ही चीज़े होती हैं एक तो तनाव दूसरी व्यस्तता जिसके कारण हम अपनी सेहत का ख्याल ठीक से नहीं रख पाते हैं , कई बार जो लोग बाहर काम करते वो बाहर का खान ही खाना प्रेफर करते हैं जिसके कारण कई प्रकार के रोगों का लग्न आम हो जाट हैं.

जब आपका सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर 140mmhg या इससे ऊपर होता हैं और डायास्टोलिक ब्लड प्रेशर 90mmhg के ऊपर हो जाता हैं तो इससे उच्च रक्तचाप या हाई ब्लड प्रेशर होना बोला जाता हैं, जिसके कारण सर दर्द, तेज़ धड़कन होना आदि लक्षण दिखाए देते हैं.

जाने क्या हैं वो कारण जिससे होता हैं ब्लड प्रेशर हाई:

ज़्यादा क्रोध करने से भी ब्लड प्रेशर हाई हो जाता हैं.
किसी चीज़ का बहुत ज़्यादा भय होने से या बहुत ज़्यादा तनाव होने से
किसी चीज़ के शोक से, या गहरे सदमे से.
सही वा पोषित आहार न लेने से, या बहुत ज़्यादा जंक फ़ूड का सेवन करने से.
अत्यधिक वा बहुत भारी व्यायाम करने से.
धूम्रपान करने से, शराब पीने से या कोई अन्य प्रकार का नशा करने से.

लक्षण:

बहुत ज़्यादा सर में दर्द होता हैं.
अत्यधिक चक्कर आना.
बहुत ज़्यादा उलझन लग्न या घबराहट महसूस होना.
दिल बहुत तेज़ धड़कना.
कभी-कभी बेहोश हो जाना.
धुन्दला दिखना.
सास लेने में परेशानी होना.

हाई ब्लड प्रेशर का उपाय:

जड़ी बूटियों का लाभ हर प्रकार की बिमारी में किया जा सकता हैं , इसी प्रकार जड़ी बूटियों का लाभ हाई ब्लड प्रेशर में भी किया जा सकता हैं ,जड़ी बूटियों का सबसे बड़ा लाभ यह है कि अगर उनका उपयोग सही मात्रा में वा सही ढंग से किया जाए तो कोई नुकसान नहीं होता है, कुछ जड़ी बूटियाँ उच्च रक्तचाप के इलाज में इस्तेमाल की जाती है, लेकिन उनका उपयोग एक चिकित्सक की निगरानी में ही करना चाहिए क्योंकि कभी-कभी इनकी अधिक मात्रा लेने से कुछ परेशानी हो सकती हैं, लेकिन आपको किसी प्रकार का साइड इफ़ेक्ट नहीं होगा इस चीज़ की गारण्टी होती हैं.

अगर आप इन जड़ी बूटियों का यूज़ करते हैं तो आप उच्च रक्तचाप की बिमारी से बच सकते हैं. यह वो जड़ी बूटियां जो करेंगी लोअर आपके हाई ब्लड प्रेशर को.

नागफनी:
नागफनी, स्वाद में कड़वी और स्वाभाव में बहुत उष्ण होती है, इसमें काटे भी पाए जाते हैं, यह पेट के अफारे को दूर करने वाली, पाचक, मूत्रल, विरेचक भी होती हैं, औषधीय प्रयोग के लिए इसके पूरे पौधे को प्रयोग किया जाता है, धमनियों की सिकुड़न को कम करती है , जो रक्तचाप को कम करने में मदद करता है.

अमर बेल:
अमरबेल पीले रंग का एक ऐसा परजीवी पौधा है ,मुख्य रूप से ये ग्रामों में दिखाई देता है किन्तु आप इसे किसी सड़क के किनारे, जंगलों और खेत खलिहानों में भी देख सकते है, अमर बेल का प्रयोग भी कई प्रकार की बीमारियों को ख़तम करने में भी किया जाता हैं , इसके उपयोग से उच्च रक्तचाप को कम करने में बहुत मदद मिलती हैं.

लहसुन:
लहसुन में एलीसिन होता है जो एंगीओटेंसीन की हर प्रतिक्रिया को रोक देता है और इससे यह आपके हाई ब्लड प्रेशर को लोअर करता हैं जिससे यह कंट्रोल में आ जाता है लहसुन में पॉलीसल्‍फाइड भी होता है जो हाइड्रोजन सल्‍फाइड में बदल जाता है जिसे रेड ब्लड सेल्‍स बदलती है, हाइड्रोजन सल्‍फाइड, हमारी ब्लड वेसेल्‍स को फैला देती है और ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करती है.

साइंस यह प्रूफ कर चुका हैं की लहसुन अकेला हज़ार बिमारियों से लड़ने में सहायक होता हैं. हाई ब्लड प्रेशर के मरीज़ लहसुन का नियमित उपयोग कर के हाई ब्लड प्रेशर को कम करने में बहुत सहायक होता हैं.

रउवोल्फिआ :
रउवोल्फिआ जड़ी बूटियो उच्च रक्तचाप के लिए सबसे ज्यादा असरकारक होती है, इसकी एक बहुत छोटी खुराक ही काफी असरकारक होती है जो आपके हाई ब्लड को लोअर करने में सहायक होता हैं.

अदरक:
अदरक में कई प्रकार के एन्टिओक्सईडेन्ट पाए जाते हैं ,अदरक के नियमित सेवन से हाई ब्लड प्रेशर से बचा जा सकता हैं. यह रक्त की नालियों में प्रवाह को आराम से बहने में मदद करती हैं.

अजमोद के बीज:
अजमोद के बीज का उपयोग हाई ब्लड प्रेशर को कम करता हैं, इसके असर के लिए रोज़ एक कप अजमोदा के बीजो का उपयोग दो तीन हफ़्तों तक अजमोदा के बीजो का सेवन करे.

Loading...

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें