पोर्शिया | आजकल स्वाइन फ्लू बहुत तेज़ी से फ़ैल रहा है. स्वाइन फ्लू की बीमारी एच 1 एन 1 वायरस के फैलने के कारण होती है. यह वायरस हवा व पानी में फैल जाता है और साँस लेने पर लोगो के शरीर में प्रवेश करके इस रोग से संक्रमित कर देता है, रोजाना स्वाइन फ्लू के कारण अनेक पीड़ित मरीजों की मौत हो जाती है क्योंकि स्वाइन फ्लू के लक्षण व इलाज़ के बारे में पता नही होता है.

मौसम के बदलने के साथ साथ यह बीमारी गर्मियों में बहूत तेज़ी से फैलती है. यह बहुत खतरनाक बीमारी साबित हुई है. इस बीमारी के लिए सुअरों को मुख्य कारण माना गया है क्योंकि यह रोग सुअरों से फैलता है. अगर स्वाइन फ्लू का उपचार समय पर न किया जाये तो यह बीमारी जानलेवा साबित हो सकती है.

लक्षण :- बीमारी के वायरस रिमोट , तकिये , कंप्यूटर जैसी चीजों पर लग जाते है , जिसे छुने से इस वायरस के रोगाणु हमारे हाथ के द्वारा हमारे शरीर के अन्दर प्रवेश कर जाते है और हम भी इस रोग से ग्रस्त हो जाते है.

  • तेज़ बुखार
  • खांसी
  • जुकाम
  • सिर दर्द
  • बदन दर्द
  • साँस लेने में तकलीफ

आमतोर पर स्वाइन फ्लू के ये लक्षण देखे जाते है. अगर इनमे से कोई भी लक्षण आपको दिखाई दे तो इसका इलाज जल्द से जल्द करवा ले.

घरेलु उपचार :- स्वाइन फ्लू का उपचार घरेलु नुस्खे से किया जा सकता है.

  • कपूर , छोटी इलाइची , पुदीने की सुखी पत्तियाँ और हल्दी का पाउडर लेकर इन सबको पीसकर इसका चूर्ण बना ले. अब इस चूर्ण को एक कपडे में लपेट कर बाँध ले. बंधे कपडे को दिन में बार बार सूंघने से आप ठीक होने लगेंगे.
  • गिलोई की पत्तियों को पानी में उबालकर उसको ठंडा कर ले और दिन में कई बार इसका सेवन करने से स्वाइन फ्लू रोग जल्द ही पूरी तरह से ख़तम हो जाता है.
  • उबले पानी में तुलसी के पत्ते और काली मिर्च के दाने दाल दे और पानी को ठंडा कर ले. इस पानी को रोजाना पीने से स्वाइन फ्लू में काफी आराम मिलता है.
  • स्वाइन फ्लू के उपचार में दूध में एक चम्मच हल्दी डालकर दूध को उबाल ले. फिर इसको गुनगुना होने पर पी ले. यह उपचार स्वाइन फ्लू के लिए कारगर उपाय है.
  • अलोएवेरा के पत्तो के जैल को एक चम्मच पानी के साथ रोजाना लेने से स्वाइन फ्लू में बदन दर्द से आराम मिलता है.
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