गुड न्यूज: ओमीक्रोन को पास में फटकने नहीं देगा कोविशील्ड का ये तीसरा डोज

देश मे कोरोनावायरस के नए वैरिएंट ओमीक्रोन के मामले तेजी से बढ़ते नजर आ रहे हैं ऐसे में ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की एक रिसर्च से सबकी उम्मीद जागने वाली है। रिसर्च के मुताबिक एस्ट्राजेनेका वैक्सीन के बूस्टर डोज से ओमीक्रोन के खिलाफ एंटीबॉडी काफी बढ़ रही है।

इसको अगर सिंपल भाषा में समझा जाए तो एस्ट्राजेनेका का बूस्ट डोज लगाने वाले व्यक्ति ओमीक्रोन संक्रमित नहीं हो पाएगा। उस व्यक्ति को कोरोनावायरस का नया वैरीएंट ओमीक्रोन नहीं छू सकता है। यह न्यूज़ भारत के लिए गुड न्यूज़ बनकर आई है क्योंकि भारत में लग रही वैक्सीन में लगभग 90% एस्ट्राजेनेका है।

ब्रिटिश फार्मा दिग्गज एस्ट्राजेनेका ने गुरुवार को बताया है कि कोरोना वैक्सीन की बूस्टर डोज वेक्सजेवरिया ने वह ओमीक्रोन के खिलाफ उच्च स्तर पर एंटीबॉडी पैदा की है। आपको बता दें की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की तरफ से स्टडी में यह बात सामने निकल कर आई है।

एस्ट्राजेनेका वैक्सीन को ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और एस्ट्राजेनेका ने मिलकर बनाया है। इसका उत्पाद सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया करती है और भारत में यही वैक्सीन कोविशील्ड नाम से उपलब्ध है। देश में अब तक जितनी भी वैक्सीन लगी है उसमें 90% कोविशील्ड है। भारत में फिलहाल कोरोना वैक्सीन के बूस्टर डोज नहीं लग रहे हैं। हालांकि दुनिया के करीब 80% देशों में बूस्टर डोज लग रहे हैं और इजराइल जैसे देश में तो चौथे डोज की तैयारी जारी है।

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