Thursday, July 29, 2021

 

 

 

जाकिर नाइक को नहीं मिली मालदीव में प्रवेश की इजाजत

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विवादित सलाफ़ी उपदेशक जाकिर नाईक को मालदीव सरकार ने अपने देश में प्रवेश करने की इजाजत नहीं दी।

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नाइक के मुद्दे पर मोहम्मद नशीद ने कहा कि, ‘हमने पहले जाकिर नाइक को इसलिये आने दिया था, क्योंकि तब ऐसा कोई मामला नहीं था जिसकी हमें जानकारी हो। हाल ही में सरकार ने उसे प्रवेश देने से इनकार कर दिया है। हमें उन लोगों से कोई दिक्कत नहीं है जो अच्छे इस्लाम का उपदेश देते हों, लेकिन अगर आप घृणा का उपदेश देंगे, तो हम इसे स्वीकार नहीं करेंगे।’

नशीद से जब यह पूछा गया कि क्या मालदीव और मलेशिया के बीच जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण के लिए कोई बातचीत चल रही हो तो उन्होंने कहा, ‘हाल ही में उसे मालदीव आने की इजाजत नहीं दी गई, लिहाजा (मलेशिया और मालदीव के बीच) बातचीत हो रही है।’ नाइक (53), 2016 में भारत छोड़ मलेशिया भाग गया था, तब से भारत उसके प्रत्यर्पण की मांग कर रहा है।

आपको बता दें कि जाकिर नाईक ने मलेशिया में पिछले तीन सालों से शरण ले रखी है। नाईक के खिलाफ भारत में मनी लॉन्ड्रिंग का केस चल रहा है।  इसके अलावा जुलाई 2016 में हुए ढाका अटैक के संबंध में भी उसके खिलाफ केस दर्ज है। भारत ने उसके प्रत्यर्पण की औपचारिक अपील की है, लेकिन मलेशिया ने यह अपील ठुकरा दी है।

नागरिकता संशोधन विधेयक भारत का आतंरिक मामला- नौशीद

पूर्व राष्ट्रपति और स्पीकर नौशीद ने संसद से पारित नागरिकता संशोधन विधेयक (सीएबी) को भारत का आतंरिक मामला करार दिया। उन्होंने भारत की लोकतांत्रिक प्रक्रिया में गहरी आस्था जताते हुए कहा कि भारत एक ऐसा देश है जो हमेशा से दूसरे देशों में उत्पीडि़त होने वाले अल्पसंख्यकों की मदद करता रहा है। नौशीद ने भी पीएम मोदी से अलग से मुलाकात की।

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