दशहरे के दिन पश्चिम बंगाल को सांप्रदायिक हिंसा की आग में झोकने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने पूरी तैयारी कर ली है. इस का खुलासा खुद बीजेपी के एक कार्यकर्त्ता ने किया है.

नेशनल हेराल्ड की ख़बर के मुताबिक, बीजेपी कार्यकर्ता संतोष कुमार ने सोशल मीडिया पर इस बात का खुलासा किया है. साथ ही इस के पूरी योजना की रुपरेखा तैयार करने के साथ हथियारों और बमों के संग्रहण की भी जानकारी दी.

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संतोष कुमार ने खुलासा किया कि उसने एक टीम बनाई गई है जो बंगाल के विभिन्न हिस्सों में सांप्रदायिक को खराब करेगी. संतोष कुमार बीजेपी का एक्टिव कार्यकर्ता है. साथ ही उसके बीजेपी के कई बड़े नेताओं से रिश्तें भी बताए जा रहे है.

पार्टी के बड़े नेताओं के साथ उसकी तस्वीरें भी सामने आई है. जिसमे वह बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और पश्चिम बंगाल के बीजेपी सांसद रूपा गांगुली के साथ नज़र आ रहा है.

नेशनल हेराल्ड ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया कि संतोष ने बातचीत में मस्जिदों पर हमले करने की जानकारी भारतीय जनता पार्टी के पश्चिम बंगाल राज्य अध्यक्ष दिलीप घोष को है. साथ ही उसने दिलीप घोष को व्यक्तिगत रूप से राज्य में हथियारों की फैक्टरी शुरू करने और हिंदू मंदिरों में गोमांस को फेंकने की योजना के बारें में भी बताया.

संतोष ने बताया कि उसने जिलाध्यक्ष अभिजीत दास को अपनी योजनाओं के बारे में बताया तो उनसे कहा कि आप ये काम क्यों करते हैं? यह काम आरएसएस लोगों का हैं. हालाँकि उसने अपनी टीम के बारें में कहा कि उसकी टीम में बीजेपी और आरएसएस के कार्यकर्ता शामिल हैं.

आठ से 10 सदस्यों के यह ग्रुप हथियार चलाने के प्रशिक्षण के साथ दुर्गा पूजा के दौरान तनाव खड़ा करने के लिए बनाए गई है. इस तरह के ग्रुप में लगभग 400 सदस्य हैं. जो दक्षिण के 24 परगनाओं में काम कर रहे है. इनमे अर्नव मित्रा, सूरज कुमार सिंह, राजेश जैन सुराणा, रश्मी गांधी, सबिता चौधरी, राजा बोस, राजर्षि लाहिरी, गौरव विश्वास, सुशील शहन, भगवान झा, प्रदीप शर्मा, तपस पाल, शिवशंकर भट्ट, निमई साहा, सुनील द्विवेदी, मनोहर पाठक, सुभाष शॉ, मोंटी शामिल है. इनमे से कुछ भाजपा की बंगाल इकाई के प्रमुख सदस्य हैं.

इसके अलावा संतोष ने हथियार संग्रहण के बारें में बताते हुए काह कि हमारे पास हथियार तो नहीं है 2 बंदूकें है जो बिहार से आई थी. लोकल बम है. ये सभी चीजे घरों में नहीं बल्कि अज्ञात स्थानों पर है. जिसकी जानकारी कैलाश जी को है.