नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (NRC) को लेकर  विरोध के बीच यूपी के बिजनौर में आर्थिक गणनाकारों की एक टीम की पिटाई का मामला सामने आया है। दरअसल ग्रामीणों ने NRC वाले समझकर इन लोगो को पीट दिया।

स्थानीय DM रमाकांत पांडे ने इस बारे में कहा कि उन्होंने संबद्ध विभाग से समय पर काम पूरा करने के लिए कहा है। उन्होंने कहा, “अगर टीमों को किसी समस्या का सामना करना पड़ रहा है, तो हम उसे ठीक करेंगे… आर्थिक जनगणना में किसी भी प्रकार की बाधा सहन नहीं की जाएगी…”

जिला आर्थिक एवं सांख्यिकी अधिकारी हरेंद्र मलिक ने कहा, “हमारी टीमों को अल्पसंख्यक-बहुल इलाकों में विरोध का सामना करना पड़ा रहा है, क्योंकि लोग इसे NRC से जोड़ रहे हैं… टीम के कुछ सदस्यों के साथ हाथापाई की गई…”

हरेंद्र मलिक ने बताया, “अब हमने ग्राम प्रमुखों तथा निगमाध्यक्षों से सर्वे करने तथा लोगों को समझाने में हमारी टीमों की मदद करने के लिए कहा है… हमारी टीमें उन्हें समझाने के प्रयास कर रही हैं कि यह रूटीन काम है, जो सालों से होता आ रहा है… इसका NRC या CAA से कोई लेना-देना नहीं है…”

उन्होंने यह भी कहा कि वह जनता के प्रतिनिधियों के साथ बैठकें करने की योजना बना रहे हैं, जिनमें ग्राम प्रमुख तथा निगमाध्यक्ष भी शामिल होंगे, ताकि वे इस कन्फ्यूज़न को दूर कर सकें। सातवीं आर्थिक जनगणना की शुरुआत DM रमाकांत पांडे ने 6 फरवरी को की।

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