लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में बीजेपी को मुस्लिम वोट मिलना सियासी दलों के गले के नीचे नहीं उतर रहा है। विपक्षी दलों द्वारा इसको ईवीएम घोटाला बताया जा रहा है तो वहीं बीजेपी का कहना है तीन तलाक जैसे मुद्दों पर मुस्लिम औरतों ने उसे वोट दिया है। मुस्लिम वोट को लेकर राजनीतिक दलों का सियासी संग्राम की गूंज की संसद में भी सुनाई दी। सपा, बसपा, कांग्रेस सहित तमाम सियासी पार्टियों ने इस मुद्दे को संसद में उठाया। लेकिन मुस्लिम वोट बीजेपी के खाते में जाने के ग्राउंड से जो रिपोर्ट मिल रही है तो कुछ और ही कहानी कह रही है।

ग्राउंड पर लोग मुस्लिम वोट बीजेपी के खाते में जाने के पीछे मौलानाओं की मिलीभगत देख रहे हैं। संभल में लोगों के बीच आम चर्चा है कि बसपा को समर्थन का ऐलान करने वाले AIUMB ने अंदरखाने बीजेपी को वोट डलवाएं हैं। लोगों के बीच इस बात की चर्चा हो रही है कि AIUMB के अध्यक्ष सैयद अशरफ किछौछवी की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बढ़ती नजदीकी भी है। सैयद अशरफ किछौछवी कई मौकों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर चुके हैं साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के साथ दिल्ली में एक बड़ा सूफी सम्मेलन भी किया था।

प्रदेश के कई जगहों पर मुसलमानों के बीच ये चर्चा सुनी जा सकती है कि AIUMB के समर्थकों ने अंदरखाने बीजेपी को वोट डलवाया है। एक मौलाना ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि चुनाव के दौरान उनके पास ऐसी खबरें आ रही थीं कि AIUMB के लोग बीजेपी को वोट डलवा रहे हैं। लेकिन उस दौरान यकीन नहीं हुआ, लेकिन जब रिजल्ट देखा तो ये सामने आया है कि मुस्लिम वोट बीजेपी को जा रहा है।

वहीं मुसलमानों का शक कुछ और मुस्लिम तंजीमों पर भी जा रहा है। मुसलमानों का कहना है कि कुछ लोगों ने प्रधानमंत्री मोदी के सामने अपनी मेरिट बढ़वाने के लिए अपने लोगों को बीजेपी को वोट डलवाने के लिए लगाया था। इनमें से कुछ मुस्लिम तंजीमों के अध्यक्ष, सदस्य तो प्रधानमंत्री मोदी की सरकार में अच्छे पदों पर काबिज हैं और सरकार का मजा ले रहे हैं।

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