Wednesday, August 4, 2021

 

 

 

वसीम रिजवी के खिलाफ हो सख्त कार्रवाई, देश के सांप्रदायिक सोहार्द के बिगड़ने का अंदेशा: सईद नूरी

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नई दिल्ली: रज़ा एकेडमी के प्रमुख अल्हाज मुहम्मद सईद नूरी ने शनिवार को राजधानी दिल्ली में प्रेस कांफ्रेस कर कहा कि वसीम रिजवी पर 50000 रुपए का जुर्माना लगाकर सुप्रीम कोर्ट ने फटकार लगाई थी, बावजूद वह कुरान को निशाना बना रहा है। उसने सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवमानना करते हुए 26 आयतों को अलग कर नया कुरान छापने का दावा किया है। जिससे न केवल भारत बल्कि दुनिया भर के मुसलमान को दुख पहुंचा है।

नूरी साहब ने कहा कि वसीम रिजवी की इस हरकत के बाद दुनिया भर के मुसलमानो की नजरें भारत पर है। जहां कुरान में बदलाव की कोशिश की जा रही है। उन्होने कहा कि वसीम रिजवी के खिलाफ देश भर में 2 दर्जन से ज्यादा एफ़आईआर दर्ज है। लेकिन केंद्र और राज्य सरकारों ने उसके खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है। उस पर कार्रवाई न करना उसकी हौसला अफजाई करना है। उन्होने कहा कि अगर ऐसा ही चलता रहा तो अन्य धर्मों की धार्मिक पुस्तके भी सुरक्षित नहीं रहेंगी। चाहे वह गीता, रामायण, गुरुग्रंथ या फिर बाईबिल हो। हर कोई इन किताबों में अपनी इच्छानुसार परिवर्तन करता रहेगा।

उन्होने कहा कि ऐसा करने से न केवल लोगों की धार्मिक भावनाएं भड़केगी बल्कि समाज का ताआना-बाना भी बिखर कर राह जाएगा। हर तरफ सिर्फ हिंसा ही दिखाई देगी। कुरान के अपमान से न केवल देश में बल्कि दुनिया भर में सांप्रदायिक तनाव ही बढ़ेगा। ऐसे में वसीम रिजवी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए। सरकारों को मुसलमानो के धेर्य की परीक्षा नहीं लेनी चाहिए। नूरी साहब ने कहा कि भारत के संविधान पर भरोसा रखा देश का मुसलमान वसीम रिजवी के खिलाफ कार्रवाई चाहता है। अगर ऐसा नहीं होता है तो वह सड़कों पर उतरकर विरोध-प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होगा। जिससे न केवल कानून-व्यवस्था के बिगड़ने का अंदेशा है। जिसकी ज़िम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।

नूरी साहब ने बताया कि वह जल्द ही लखनऊ में उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) से मुलाक़ात कर वसीम रिजवी की गिरफ्तारी की मांग करेंगे। उन्होने कहा कि यदि उनकी मांग पर कार्रवाई नहीं हुई तो वह अदालत का रुख कर इंसाफ मांगेंगे। उन्होने ये भी बताया कि वंचित बहुजन आघाड़ी के अध्यक्ष और सांसद प्रकाश अंबेडकर ने भी तहफ्फुज ए नामूस ए रिसालत के लिए विधान सभा और संसद में बिल लाने की बात कहीं है। जिसका हम समर्थन करते है और उनका धन्यवाद भी करते है।

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