24 फ़रवरी शुक्रवार को सियोल के हानाम दांग क्षेत्र की एक मस्जिद में दक्षिणी कोरिया के 37 सैनिकों ने इस्लाम धर्म स्वीकार किया हैं. ये सभी सैनिक इराक़ भेजे जाने हैं.

इन सैनिकों में 11वीं ब्रिगेड के कैप्टन सून जीनगू भी शामिल हैं. शुक्रवार को आधिकारिक रूप से इस्लाम को अपनाते हुए उन्होंने सबसे पहले इस्लामिक नियमों के अनुसार ग़ुस्ल किया, फिर नमाज़े जुमा के समय मस्जिद के इमाम की मदद से कलमा पढ़ कर इस्लाम स्वीकार कर लिया.

इस्लाम धर्म में आ चुके इन सभी सैनिकों ने अन्य नमाज़ियों ने के साथ नमाज अदा की. कैप्टन सून जीनगू ने इस्लाम धर्म अपनाने के बारें में कहा कि इस्लाम अन्य धर्मों की तुलना में अधिक शांतिप्रेमी और मानवताप्रेमी है. मुझे लगता है कि अगर हम धर्म के माध्यम से अपने इलाक़े के लोगों से संपर्क साधें तो शांति की बहाली में बड़ी मदद करेंगे.

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

1वीं ब्रिगेड के विशेष सैनिकों में से एक पाक सियोंग ओक ने कहा कि मैंने विश्व विद्यालय में अरबी भाषा सीखी है इस लिए मुझे क़ुरआने मजीद का भी कुछ ज्ञान है. इस्लाम की ओर मेरा बहुत अधिक रुझान हो गया था इस लिए मैंने मुसलमान होने का फ़ैसला किया.

उन्होंने कहा कि अगर मुझे इराक़ भेजा गया तो मैं चाहूंगा कि स्थानीय लोगतं के साथ उनके धार्मिक समारोहों में भाग लूं ताकि वे हमारे साथ भाईचारे की भावना महसूस कर सकें और मैं उन्हें यह समझा सकूं कि कोरिया के सैनिक अतिग्रहण के लिए नहीं आए हैं बल्कि वे मानवताप्रेम के समर्थन के लिए भेजे गए हैं.

Loading...