Monday, October 25, 2021

 

 

 

PMO reviewed some important things on coal crisis

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केंद्र सरकार बिजली की जरूरतों को पर्याप्त रूप से पूरा करने का भरोसा दिलाया है। देश में थर्मल पॉवर स्टेशनों में कोयले और व्यापक बिजली कटौती की आशंकाओं के बीच केंद्र सर्कार ने मंगलवार की शाम प्रधानमंत्री कार्यालय में इन मामले पर संबंधित पक्षों के साथ समाधान पर चर्चा की है।

इन बातो पर हुई चर्चा :
  • भारत में बिजली का उत्पादन लगभग 70 प्रतिशत योगदान कोयले पर किया जाता है और इसका तीन-चौथाई घरेलू स्तर पर खनन किया जाता है। इस वर्ष कोयला उत्पाद में कमी आई है इसकी कमी का बारिश को एक प्रमुख वजह माना गया है।
  • गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को कोयला और बिजली मंत्रालय के प्रभारी मंत्री प्रहलाद जोशी और आरके सिंह से मुलाकात की थी। जिन राज्यों में बिजली कटौती हुई थी उन राज्यों ने चिंता व्यक्त की थी। उनमें दिल्ली, महाराष्ट्र, केरल, पंजाब, राजस्थान, आंध्र प्रदेश, बिहार और तमिलनाडु शामिल है।
  • मंत्रालय ने कहा, कोई राज्य अपने ग्राहकों की सेवा नहीं कर रहे हैं और “बिजली एक्सचेंजों में उच्च दर पर बिजली बेच रहे हैं तो ऐसे राज्यों की बिजली वापस ले ली जाएगी और उसे अन्य जरूरतमंद राज्यों को दी जाएगी।”
  • मंगलवार को इससे पहले, बिजली मंत्रालय ने सभी राज्यों को चेतावनी दी थी अगर बिजली वितरण कंपनियां बिजली एक्सचेंज पर बेचती पाई गईं, बिजली की बढ़ती कीमतों का फायदा उठाने के लिए तो उन्हें बिजली की आपूर्ति में कटौती का सामना करा पद सकता है।

 

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