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नई दिल्ली: राफेल लड़ाकू विमान सौदे के सबंध में बीजेपी के पूर्व मंत्री यशवंत सिन्हा और अरुण शौरी ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने सौदे को एकतरफा अंतिम रूप देकर, रक्षा खरीद के सभी नियमों को ताक पर रखकर ‘राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ समझौता किया है।

PM मोदी पर ‘व्यक्तिगत संलिप्तता’ का आरोप लगाते हुए उन्होने कहा कि सरकार ने देश के सबसे बड़े रक्षा घोटाले में मोदी की संलिप्तता को बचाने के लिए झूठ का पुलिंदा बुना है। शौरी ने कहा, “उन्होंने जो भी स्पष्टीकरण दिया, उसने सरकार को झूठ के जाल में फंसाने का काम किया है।”

उन्होंने कहा कि मोदी को यूपीए सरकार के सौदे को पलटने का कोई अधिकार नहीं था, जो कि उन लोगों द्वारा किया गया एक कठिन काम था और यह 7-8 वर्षो की मेहनत का परिणाम था। शौरी ने कहाकि पीएम ने ‘डिफेंस प्रोक्योरमेंट पालिसी’ का पालन नहीं किया और कीमत को लेकर बोला। अगर फ्रांस के साथ सीक्रेट डील थी तो कैसे संसद में कीमत बता दी।

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पूर्व बीजेपी नेता ने कहा, 126 से 36 विमान खरीदना देश की सुरक्षा से खिलवाड़ है। सरकार ने कहा कि 36 एयरक्राफ्ट की जल्द से जल्द जरूरत है. लेकिन कुछ मीडिया में रिपोर्ट आई कि पहला एयरक्राफ्ट 2019 में और बाकी 2022 में आएगा। पीएम ने कैसे 126 से 36 विमान खरीदने का फैसला किया। ऑफसेट में गवर्मेन्ट का रोल था। नए डील को लेकर किसी को पता नहीं था सिवाए मोदी और अनिल अंबानी को छोड़कर।

वहीं यशवंत सिन्हा ने कहा कि भारत के हिसाब से कुछ करना सीक्रेट नही हैं। जैसा यूपीए के वक़्त था अभी भी है। सारा ब्लैक मनी बैंक में है किसी न किसी के खाते में है। नोटबंदी पूरी तरफ से फ्लॉप रही है। ब्लैक मनी को सफेद किया गया।पेट्रोल डीजल,रुपये की घटती कीमत जैसी समस्याओं से पहली बार इस सरकार को छोटी-मोटी क्राइसिस का सामना करना पड़ रहा है और बंगले झांक रहे हैं।

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