पश्चिम बंगाल में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) को प्रतिबंधित करने की मांग उठी हैं. जॉइंट माइनॉरिटी कौंसिल ने आरएसएस पर राज्य में सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने और दंगे भड़काने का आरोप लगाते हुए संगठन को बैन करने की मांग की हैं.

कौंसिल के महासचिव शब्बीर अली आजाद ने कहा है कि हमें ऐसी खबर मिली है कि यूपी और अन्य राज्यों में आरएसएस के 5,000 से 6,000 कार्यकर्ता पश्चिम बंगाल में दंगा भड़काने के मकसद से आये हैं.

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उन्होंने राज्य सरकार से आरएसएस को बैन करने की अपील करते हुए कहा है कि आरएसएस में पूरे देश के लिए हानिकारक है. ये देश में मौजूद शांतिपूर्ण माहौल को खत्म करने की ताक में है.

आज़ाद ने आगे कहा कि आरएसएस ने कभी भी देश के हित के लिए कोई काम नहीं किया. आजादी से पहले ये लोग ब्रिटिश शासन के एजेंट के रूप में काम करते थे. आजादी के बाद इनका एक ही मकसद रहा ध्रुवीकरण के जरिए देश और देशवासियों को बांटना.

उन्होंने कहा, राज्य में हनुमान जयंती के मौके पर आरएसएस और अन्य हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने हथियार के साथ जलूस निकाल कर अल्पसंख्यकों को डराने की कोशिश की. लेकिन हम डरते नहीं है क्यूंकि हम देश में शांति और सौहार्द के पक्षधर हैं.

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