meghalaya hc judge 759

नई दिल्ली: मेघालय हाई कोर्ट के जज ने एक मामले की सुनवाई के दौरान सांप्रदायिक टिप्पणी की है। संविधान को ताक पर रख उन्होने कहा, भारत को हिंदू राष्ट्र होना चाहिए और उन्होंने पीएम मोदी और ममता बनर्जी से यह सुनिश्चित करने की अपील की कि देश कहीं इस्लामिक न हो जाए।

मेघालय हाई कोर्ट के जस्टिस एस आर सेन ने उच्च न्यायालय की आचार संहिता की धज्जियां उड़ाते हुए कई राजनीतिक बयान दिये। सेन ने सरकार से ऐसे नियम बनाने की अपील की है, जिसमें पाकिस्तान, बांग्लादेश, म्यांमार जैसे पड़ोसी देशों में रहने वाले मुस्लिम समुदाय और समूह भारत आकर नहीं बस सकें।

Loading...

न्यायमूर्ति ने कहा कि मैं साफ तौर पर कहना चाहता हूं कि कोई भारत को इस्लामिक देश बनाने का प्रयास नहीं करे। यदि यह इस्लामिक देश हो गया तो, भारत और दुनिया में बरबादी आ जाएगी। मुझे यकीन है कि मोदीजी की सरकार मामले की गंभीरता को समझेगी और आवश्‍यक कदम उठाने का काम करेगी। आगे उन्होंने कहा कि हमारी सीएम ममता बनर्जी जी राष्ट्रहित में हर तरह से उसका समर्थन करने का काम करेंगी।

modii

उन्होंने यह भी कहा कि वह भारत में बसे शांतिप्रिय मुसलमानों के खिलाफ नहीं हैं। न्यायमूर्ति सेन के मुताबिक, ‘मैं अपने उन मुसलमान भाइयों और बहनों के खिलाफ नहीं हूं, जो भारत में कई पीढ़ियों से रह रहे हैं और यहां के कानून का पालन करते हैं। उन्हें यहां शांति से रहने दिया जाना चाहिए।’

न्यायमूर्ति सेन ने कहा, ‘भारत के कानून और संविधान का विरोध करने वाले किसी शख्स को भारत का नागरिक नहीं माना जा सकता। हमें नहीं भूलना चाहिए कि पहले हम भारतीय हैं और फिर अच्छे मनुष्य। जिस समुदाय से हम ताल्लुक रखते हैं, वह उसके बाद आता है।’

शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें