नई दिल्ली | मालेगांव ब्लास्ट के मामले में करीब 9 साल से जेल में बंद कर्नल पुरोहित को आज सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गयी. जस्टिस आरके अग्रवाल और जस्टिस एएम सप्रे की पीठ ने कर्नल पुरोहित को कुछ शर्तो के साथ जमानत दे दी. पुरोहित की तरफ से केस लड़ रहे वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने अपनी दलील में कहा की पुरोहित को राजनितिक खेल में फंसाया जा रहा है. इसके अलावा साल्वे ने कोर्ट को बताया की पुरोहित का धमाको में कोई लिंक नही मिला है.

हालाँकि पुरोहित ने कोर्ट में माना की वह अभिनव भारत की मीटिंग में गए थे लेकिन वो सेना की तरफ से जासूसी करने के लिए वहां गए थे. पुरोहित ने एटीएस पर उनको फंसाने का आरोप भी लगाया. इस दौरान उनके वकील साल्वे ने कहा की अगर धमाको के आरोप उन पर से हट जाए तो उन्हें अधिकतम 7 साल की सजा दी जा सकती है जबकि वो 9 साल से जेल में बंद है. साल्वे की इस दलील के बाद कोर्ट ने उनको जमानत देने का फैसला किया.

आज पुरे दिन से कर्नल पुरोहित ही मीडिया की सुर्खियों में बने हुए है. मालेगांव ब्लास्ट जिसमे पुरोहित आरोपी हैं , वही ब्लास्ट था जिसके बाद ही हिन्दू आतंकवाद शब्द का उदगम हुआ. इस मामले में पुरोहित के अलावा रिटायर्ड मेजर रमेश उपाध्याय , साध्वी प्रज्ञा, दयानंद पाण्डेय, सुधाकर चतुर्वेदी आदि लोग आरोपी थे. कर्नल पुरोहित पर सेना से 60 किलो आरडीएक्स चुराने का आरोप था. बताया जाता है की इसी आरडीएक्स में से कुछ हिस्सा मालेगांव ब्लास्ट में इस्तेमाल किया गया.

अभी तक मालेगांव ब्लास्ट मामले में खुद को निर्दोष बताने वाले कर्नल पुरोहित के बारे , मामले के अन्य आरोपी दयानंद पाण्डेय ने कुछ खुलासे किये थे. 2009 की जी न्यूज़ की खबर के मुताबिक दयानंद पाण्डेय ने डीसीपी के सामने दिए गए कॉन्फेशन में बताया की मालेगांव ब्लास्ट की पूरी साजिश कर्नल पुरोहित और साध्वी प्रज्ञा ने रची थी.

यह सब देश में हिंदुत्व को बढाने और पुरे देश में मुस्लिमो की वजह से मारे गए हिन्दुओ का बदला लेने के लिए किया जा रहा था. पाण्डेय ने अपने कॉन्फेशन में बताया की 1 अगस्त 2007 को नासिक के नजदीक देओलाली कैंप में उसकी मुलाकात पुरोहित से हुई. यही पर उसने मुझे ‘अभिनव भारत’ संगठन के बारे में बताया. उसने बताया की हिंदुत्व की रक्षा के लिए इस संगठन का गठन किया जा रहा है.

पाण्डेय ने आगे बताया की जनवरी 2008 में , मैंने ‘अभिनव भारत’ की मीटिंग में हिस्सा लिया. यह मीटिंग फरीदाबाद में आयोजित की गयी. इस मीटिंग में पुरोहित के अलावा , अन्य आरोपी सुधाकर चतुर्वेदी और रिटायर्ड मेजर रमेश उपाध्याय भी मौजूद थे. इस पूरी बैठक में पुरोहित हिन्दू राष्ट्र बनाने और हिन्दुओ की रक्षा के लिए अपना संविधान बनाने पर जोर दे रहा था. इसके अलावा पुरोहित ने ब्लास्ट के लिए विस्फोटक का इंतजाम करने की भी बात कही.

पाण्डेय ने बताया की पुरोहित इन विस्फोटक का इस्तेमाल मुस्लिम बहुल इलाको में बम विस्फोट करने के लिए करना चाहता था. इसके बाद उपाध्याय ने कुछ ऐसे लोगो का इंतजाम करने की भी बात कही जो बम बना सकते हो. जून 2008 में पाण्डेय इंदौर गए जहाँ उनकी मुलाकात साध्वी प्रज्ञा से हुई. साध्वी ने पाण्डेय से कहा की हिन्दुओ की रक्षा के लिए उसने ही पुरोहित को विस्फोटक का इंतजाम करने के लिए कहा था.

अपने कॉन्फेशन में पाण्डेय ने आगे बताया की साध्वी ने मुझसे यह भी कहा की पुरोहित इस मामले गंभीर होकर काम नही कर रहा है इसलिए तुम उससे जल्दी विस्फोटक का इंतजाम करने के लिए कहो. बताते चले की 29 सितम्बर 2008 को हुए मालेगांव ब्लास्ट में 6 लोगो की मौत हो गयी थी. इस मामले में 11 लोगो को गिरफ्तार किया गया था. जिसमे से पाण्डेय और राकेश धावडे ने ही डीएसपी के सामने कॉन्फेशन दिया था.

पाण्डेय का पूरा कॉन्फेशन जीन्यूज़इंडिया.कॉम ने फ़रवरी 2009 को अपने न्यूज़ पोर्टल पर प्रकाशित किया था. पूरा कॉन्फेशन पढने के लिए यहाँ क्लिक करे.

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