जम्‍मू-कश्‍मीर के कठुआ में आठ साल की बच्‍ची के साथ मंदिर में सामूहिक बलात्कार और हत्या के मामले में आरोपियों की मदद करने वाले मेरठ के एक कॉलेज के अध्यक्ष की अग्रिम जमानत याचिका खारिज हो गई है।

मेरठ कॉलेज के प्रमुख आर पी सिंह ने मुख्य आरोपी संजी राम के बेटे और कॉलेज के छात्र विशाल जंगोत्रा को छिपाया था। साथ ही इसके बदले मोदी रकम भी ली थी। मामले की सुनवाई कर रहे जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने बुधवार को आर पी सिंह जमानत याचिका खारिज कर दी।

हालांकि न्यायाधीश तेजविंदर सिंह ने जम्मू कश्मीर पुलिस से कहा कि अगर उसे इस मामले में उन्हें गिरफ्तार करना हो तो उन्हें पांच दिन का नोटिस दिया जाए. इस मामले मे गिरफ्तार आठ आरोपियों के खिलाफ जम्मू कश्मीर पुलिस की अपराध शाखा द्वारा दायर आरोपपत्र में सिंह का भी नाम है।

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सिंह पर अपराध स्थल पर कालेज के छात्र विशाल की उपस्थिति को लेकर जांच अधिकारियों को गुमराह करने के लिए धन लेने का आरोप है. बता दें कि आरोपी विशाल जंगोत्रा के परिवार ने दावा किया था कि वारदात के वक्त वह मेरठ में परीक्षा दे रहा था.

लेकिन फोरेंसिक रिपोर्ट में सामने आया है कि आरोपी विशाल का सिग्नेचर उस सिग्नेचर से मेल नहीं खाया जो उसने कथित तौर पर मेरठ में अपनी एग्जाम शीट पर की थी. इस बात का खुलासा सेंट्रल फॉरेंसिक साइंसेस लेबॉरेटरी (CFSL) की रिपोर्ट में हुआ है.

सेंट्रल फॉरेंसिक साइंसेस लेबॉरेटरी (CFSL) की और से  जम्मू-कश्मीर पुलिस को सोंपी गई रिपोर्ट में सामने आया कि विशाल जंगोत्रा की एग्जाम शीट पर किसी और ने सिग्नेचर किया था.

ध्यान रहे विशाल जंगोत्रा के वकील ने सुप्रीम कोर्ट में दलील दी थी कि विशाल जंगोत्रा सात जनवरी से 10 फरवरी तक मुजफ्फरनगर में तीनों गवाहों के साथ था. उस दौरान वह तीनों गवाहों के साथ मेरठ में परीक्षा में शामिल हुआ.