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राइजिंग कश्मीर अखबार के एडिटर और वरिष्ठ पत्रकार शुजात बुखारी की कुछ अज्ञात बंदूकधारियों ने गुरुवार शाम को दफ्तर से घर जाते वक्त गोली मारकर हत्या कर दी।इस हमले में उनके निजी सुरक्षा कर्मी भी मारा गया।

ये हमला उस वक्त हुआ जब दिल्ली के कुछ पत्रकारों ने उन पर कश्मीर को लेकर ‘पक्षपातपूर्ण रिपोर्टिंग’ करने आरोप लगाया था। दरअसल, उन्होंने घाटी में मानवाधिकार उल्लंघन पर संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट ट्वीटर पर पोस्ट की थी।

गृह मंत्री राजनाथ सिंह, जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने इस घटना पर शोक जाहिर किया है। राजनाथ ने कहा- बुखारी निडर पत्रकार थे, उनकी हत्या करना एक कायरता है।

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जम्मू-कश्मीर के डीजीपी एसपी वैद ने कहा, “हमला इफ्तार के वक्त हुआ। बुखारी अपने प्रेस एन्क्लेव स्थित दफ्तर से बाहर निकले थे और कार में सवार होने जा रहे थे। इसी दौरान बाइक पर आए 3 आतंकियों ने उन पर और सुरक्षाकर्मियों पर गोलियां बरसानी शुरू कर दीं।”

पुलिस ने बाद में इन तीन संदिग्धों की फोटो जारी की। सीसीटीवी फुटेज में ये तीनों बाइक पर हैं। एक हेलमेट पहने है और दो मुंह कवर किए हैं। बुखारी राइजिंग कश्मीर के अलावा उर्दू दैनिक अखबार बुलंद कश्मीर, उर्दू साप्ताहिक कश्मीर परचम आदि से भी जुड़े रहे। राइजिंग कश्मीर का एडिटर बनने से पहले वह द हिंदू अखबार के जम्मू-कश्मीर ब्यूरो चीफ थे।

महबूबा मुफ्ती ने बुखारी के परिजनों से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने कहा, “ईद से एक दिन पहले आतंकियों का गंदा चेहरा सामने आया है। बुखारी की हत्या चौंकाने वाली घटना है। कुछ दिन पहले ही वे मुझसे मिलने आए थे।”  नेशनल कॉन्फ्रेंस लीडर उमर अब्दुल्ला ने कहा, “बुखारी ने अपना कर्तव्य निभाते हुए जान दी। उनकी हत्या कायराना हरकत है।”

वहीं कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट किया। उन्होंने कहा- ‘राइजिंग कश्मीर के संपादक शुजात बुखारी की हत्या के बारे में सुनकर दुखी हूं। वह एक बहादुर दिल इंसान थे, जो जम्मू-कश्मीर में न्याय और शांति के लिए निडरता से लड़े। उनके परिवार के प्रति मेरी संवेदनाएं। उन्हें भुलाया नहीं जा सकेगा।’