हिंदू किसानों ने सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल पेश करते हुए मध्य प्रदेश के देवास में मुस्लिम किसानों की खड़ी फसलों को भीषण आग से बचाया।

शुक्रवार को विदिशा के ग्राम सतपाड़ा सराय में कई एकड़ में फैली फसलों में अचानक आ’ग लग गई। यह आ’ग ऐसे समय में लगी जब गाँव के मुसलमान जुमे की नमाज के लिए गए हुए थे। जिसके कारण फसलों को बचाने वाला कोई नहीं था। इस दौरान गाँव के ही हिंदू किसान भाइयों ने आगे आकर आ’ग को बुझाने के लिए समय पर प्रयास किए, जिससे 300 बीघा क्षेत्र में खड़ी फसलें बचाई जा सकी।

समय पर इस प्रयास के कारण, क्षति केवल 25 बीघा तक सीमित रही। घटना के बाद सभी मुस्लिम साथी हिंदू किसानों की प्रशंसा कर रहे। स्थानीय सरपंच के एक प्रतिनिधि रईस अहमद ने कहा: “यह काफी हृदयस्पर्शी था कि हिंदू भाइयों ने यह सुनिश्चित किया कि हमें अपनी नमाज को बीच में नहीं छोड़ना पड़ा है और आ’ग बुझाने और अपनी फसलों को बचाने के लिए बहुत प्रयास किए।”

बचाव दल में शामिल कई लोगों ने दावा किया कि खेती का कोई धर्म नहीं है और वे पहले किसान हैं, हिंदू और मुसलमान बाद में। पिछले कुछ दिनों में पारा में तेजी के साथ खड़ी फसलें देवास, उज्जैन, जबलपुर और कई जिलों में प्रभावित हुई हैं।