गुरुग्राम हिंसा: पीड़ित मुस्लिम परिवार पलायन को मजबूर, समझौते के लिए बनाया जा रहा दबाव

नई दिल्ली: गुरुग्राम में होली के दिन घर में घुसकर की गई मारपीट के बाद से ही पीड़ित मुस्लिम परिवार खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है। आरोपियों ने पीड़ित परिवार पर धारा 307 के तहत काउंटर मुकदमा भी दर्ज कराया है।

पीड़ित परिवार का आरोप है कि घर से बाहर जाने पर गांव के लोग उनके खिलाफ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हैं। हमें बेइज्जत करते हैं। दबंगों से भरी गाड़ियां दिखा कर हम पर दबाव बनाया जा रहा है। पीड़ित परिवार ने कहा है कि होली की उस शाम के बाद यहां वक्त और हालात पहले जैसे नहीं रह गए हैं, जिसके चलते उन्हें मजबूरन यह कदम उठाने को मजबूर होना पड़ रहा है।

हमले में घायल दिलशाद ने बताया कि पुलिस ने आईपीसी की धारा 307 और हत्या के प्रयास के तहत उनके खिलाफ मामला दर्ज किया है। उन्होंने कहा, ‘हमें शुक्रवार सुबह बताया गया कि आईपीसी की धारा 307 के तहत हमारे परिवार के सदस्यों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।’

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दिलशाद ने कहा, ‘मैं यह समझ नहीं पाया कि यह किस तरह का सिस्टम है। पूरी दुनिया ने वीडियो में देखा है कि हम पर हमला किया गया, मेरे हाथ टूट गए थे, मेरे परिवार के सदस्य अभी भी अस्पताल में हैं और अब पुलिस ने हमारे ही खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। यह तो सरासर अन्याय है।’

उन्होंने कहा, ‘पीड़ित परिवार के खिलाफ मामला दर्ज करने का सरकार में चलन बन गया है, ऐसा इसलिए किया जाता है कि ताकि पीड़ित न्याय पाने की आस छोड़ दे। यह अफ़राजुल मामले में भी हुआ, पहलू खान के मामले में भी और अब हमारे साथ भी ठीक ऐसा ही हो रहा है।’

परिवार की एक सदस्या ने कहा, ‘हम यहां एक दशक से भी अधिक समय से रह रहे हैं, हमने इस घर को बनाने में काफी पैसा खर्च किया है। हमारा यहां बादशाहपुर में फर्नीचर का अच्छा कारोबार चल रहा है लेकिन होली के दिन जो कुछ हुआ, उससे हमारी विश्वास डगमगा गया है।’

उन्होंने कहा, ‘भीड़ घर में घुसी और हमें पीटना शुरू कर दिया। उन्होंने परिवार के लोगों को पाकिस्तान जाने को कहा, वो भी तब जब हमारी छत पर भारत का झंडा लहरा रहा है। अब हमारे परिवार के लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। हम इस जगह को छोड़कर अपने पैतृक गांव बागपत या किसी अन्य जगह जाना चाहते हैं, जो हमारे और हमारे समुदाय के लोगों के लिए सुरक्षित हो। यहां सिर्फ दो मुस्लिम परिवार रह रहे हैं।’

महिला ने कहा, ‘हमारे घर के बाहर सुरक्षाकर्मी तैनात करने और पुलिस के आश्वासन के बाद हमें थोड़ी-सी राहत मिली थी लेकिन अब हमारे खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। अब हमें पता चल गया है कि हमारे साथ कोई भी नहीं है, यहां तक की पुलिस भी नहीं।’

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