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नई दिल्ली | “नोट बंदी से आम लोगो को हो रही दिक्कतों को खत्म करने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है. प्रधानमंत्री मोदी ने 50 दिन का समय माँगा था, इस तय सीमा में हम नोट बंदी से पैदा हुई सभी मुश्किलों खत्म करने की और प्रयासरत है. और बहुत कुछ सुधार हो भी चूका है”. यह शब्द है वित्त मंत्री अरुण जेटली के.

अरुण जेटली फिक्की के 89वी वार्षिक आम बैठक में बोल रहे थे. उन्होंने नोट बंदी से लेकर जीएसटी पर अपने विचार रखे. जेटली ने नोट बंदी को एक साहसिक कदम बताते हुए कहा की इससे देश में दीर्घकालिक बदलाव देखने को मिलेगे. हालांकि नोट बंदी से आम लोगो को कुछ परेशानी का सामना करना पड़ रहा है लेकिन सरकार इससे जल्द निजात दिलाने के लिए ओवरटाइम कर रही है.

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जेटली ने उम्मीद जताई की सिस्टम में नए नोट आने में इतना लम्बा समय नही लगेगा. आरबीआई बहुत जल्द नए सभी नए नोटों को बाजार में उतार देगी. भारत सबसे तेजी से उभरती हुई अर्थव्यवस्था है. पिछले कुछ सालो से भारत को दुनिया की पांच अस्थिर अव्यवस्थाओ में गिना जाता था. लेकिन अब भारत को अलग नजरिये से देखा जा रहा है. हमने पिछले एक सालो में कई अहम् निर्णय लिए है जिससे बहुत सारे बदलाव हुए है.

अरुण जेटली ने नोट बंदी के दीर्घकालिक फायदों के बारे में बताते हुए कहा की बहुत जल्द इसके परिणाम देखने को मिलेंगे. पिछले कुछ फैसलों की वजह से भारत में अब फैसले लेने की क्षमता है. GST के बारे में बोलते हुए अरुण जेटली ने कहा की GST काउंसिल ने 10 बड़े निर्णय लिए है. कुछ और निर्णय लेने बाकी है. 16 सितम्बर 2017 से मौजूदा टैक्स सिस्टम खत्म हो जायेगा.

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