जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला प्रवर्तन निदेशालय (ED) के समक्ष जम्मू कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन में कथित अनियमितताओं से जुड़े एक मामले में पेश हुए। इस मामले में पहले भी उन्हें ईडी ने तलब किया था।

बीसीसीआई ने जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन को कथित तौर पर जम्मू-कश्मीर में क्रिकेट के प्रचार के लिए अनुदान के रूप में 2002 से 2011 तक धन दिया था, जिसमें से कथित रूप से 43.69 करोड़ रुपये का घोटाला सामने आया है। पिछली बार जब फारूक से ED के चंडीगढ़ दफ्तर में पूछताछ हुई थी, तब जांच एजेंसी ने कई दस्तावेज मांगे थे। लेकिन उस वक्त फारूक अब्दुल्ला ने 15 दिनों का वक्त मांगा था।

करीब एक साल से अधिक का वक्त बीत जाने के बाद भी अब्दुल्ला ने उस मामले से संबंधित कोई भी दस्तावेज नहीं सौंपे हैं। ईडी ने सीबीआई की प्राथमिकी के आधार पर यह मामला दर्ज किया है। सीबीआई ने जेकेसीए के महासचिव मोहम्मद सलीम खान और पूर्व कोषाध्यक्ष एहसान अहमद मिर्जा समेत कई पदाधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।

मामले को लेकर रणजी ट्राफी कोच और सेलेक्टर व कश्मीर के क्रिकेट खिलाड़ी माजिद अहमद ने 2015 में जम्मू कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन (जेकेसीए) घोटाले को लेकर हाईकोर्ट में पीआईएल फाइल की थी। इसके बाद हाईकोर्ट ने सीबीआई को केस की जांच करने के आदेश दिए।

ईडी की पूछताछ को लेकर फारूक अब्दुल्ला के बेटे उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट कर कहा, नेशनल कॉन्फ्रेंस शीघ्र ही ईडी समन को लेकर जवाब देगी। यह गुपकार समझौते के लिए हुए अलायंस के गठन को लेकर राजनीतिक प्रतिशोध के लिए की जा रही है। बताना चाहता हूं कि डॉ साहब के आवास पर छापा नहीं मारा जा रहा है।

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