बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के पहले चरण के पहले मतदान को 18 दिन ही शेष है। वहीं पहले चरण के लिए नामांकन पत्र भरने की अंतिम तिथि भी समाप्त भी हो गई। दूसरी और गुरुवार को राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा), बहुजन समाज पार्टी (बसपा), अल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लमीन (एआईएमआईएम) सहित 6 राजनीतिक दलों ने मिलकर गठबंधन का ऐलान किया।

नए अलायंस ने उपेंद्र कुशवाहा को अपना नेता घोषित किया है और उनके नेतृत्व में ही यह फ्रंट चुनाव लड़ेगा। उपेंद्र कुशवाहा को इस ग्रैंड अलायंस का सीएम उम्मीदवार घोषित किया गया है। इस गठबंधन की संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में उपेंद्र कुशवाहा, असदुद्दीन ओवैसी, देवेंद्र यादव मौजूद रहे। उपेंद्र कुशवाहा ने इस दौरान घोषणा की कि फ्रंट के संयोजक देवेंद्र यादव होंगे और सभी दल एक साथ बिहार में चुनाव लड़ेंगे।

इस मौके पर असदुद्दीन ओवैसीने कहा कि NDA के पिछले 15 सालों में बिहार का कोई विकास नहीं हुआ, बिहार की जनता में घुटन हो रही है। हमारे ‘ग्रैंड डेमोक्रेटिक सेक्युलर फ्रंट’ बिहार को नया विकल्प देने की कोशिश है। उपेंद्र कुशवाहा को इस फ्रंट के मुख्यमंत्री उम्मीदवार के रूप में अपना समर्थन देने के बाद ओवैसी ने कहा कि पिछले 30 सालों की सरकार से बिहार को कोई लाभ नहीं हुआ है। ओवैसी ने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में NDA के 15 साल और आरजेडी – कांग्रेस के 15 साल के शासन के बाद बिहार के गरीबों की स्थिति और भी खराब हो गई है।

वहीं उपेंद्र कुशवाहा ने बताया कि देवेंद्र यादव की पार्टी के साथ असदुद्दीन ओवैसी ने पहले ही गठबंधन का ऐलान कर दिया था। इसलिए इस फ्रंट के संयोजक देवेंद्र यादव होंगे और सभी दल एक साथ मिलकर चुनाव लड़ेंगे। उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि बिहार आज भी सामाजिक, आर्थिक और शिक्षा के क्षेत्र में काफी पीछे है। उन्होंने कहा कि हमने बिहार के भविष्य के लिए इस गठबंधन को बनाया है और हमारी कोशिश होगी कि हम सफल हों।

उपेंद्र कुशवाहा ने यह भी कहा कि बिहार में महागठबंधन और एनडीए दोनों फेल हैं। नीतीश कुमार के 15 साल के शासन में राज्य और पीछे ही गया है। कुशवाहा ने कहा कि नीतीश कुमार ने बिहार की शिक्षा व्यवस्था को चौपट कर दिया गया है जिसकी वजह से यहां के युवा पलायन के लिए मजबूर होते हैं।

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