नई दिल्ली | साध्वी से रेप करने और दो अन्य मामलो में पंचकुला की विशेष सीबीआई अदालत डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम के खिलाफ अपना फैसला सुनाएगी. इसलिए पंजाब और हरियाणा की सीमाए सील कर पैरामिलिट्री फ़ोर्स की कई कंपनियों को तैनात कर दिया गया है. पुलिस को अंदेशा है की अदालत का फैसला आने के बाद डेरा अनुयाई हिंसा करने पर उतारू हो सकते है. बताया जा रहा है की पंचकुला में लाखो डेरा अनुयाई जुड़ने भी शुरू हो गये है.

क्या है मामला 

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2002 में डेरे की एक साध्वी ने प्रधानमंत्री को गुमनामी पत्र लिखकर डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम पर रेप करने का आरोप लगाया. पत्र में साध्वी ने अपने साथ साथ कई और साध्वियो का यौन शोषण करने का भी आरोप लगाया. बाद में हाई कोर्ट ने साध्वी के पत्र का संज्ञान लेते हुए सीबीआई को मामले की जाँच सौप दी.

जुलाई 2002 में ही डेरा सच्चा सौदा की प्रबंधन समिति के सदस्य रहे कुरुक्षेत्र के रणजीत सिंह की हत्या हो गयी. इसका आरोप भी डेरा प्रमुख पर लगा. इसी मामले में रणजीत के पिता ने जनवरी 2003 को हाई कोर्ट में याचिका डाल मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की.

अक्टूबर 2002 में सिरसा के पत्रकार और दैनिक संध्या ‘पूरा सच’ निकालने वाले रामचन्द्र छत्रपति की गोली मारकर ह्त्या कर दी गयी. इस मामले में भी डेरा प्रमुख का नाम आया. बाद में पत्रकार के बेटे अंशुल ने हाई कोर्ट में याचिका डाल मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की. नवम्बर 2003 में कोर्ट ने सीबीआई को मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच करने का आदेश दिया.

सीबीआई जाँच के खिलाफ डेरा सुप्रीम कोर्ट चली गयी जहाँ कोर्ट ने सीबीआई जाँच पर स्टे दे दिया. लेकिन बाद में विपक्ष की दलील के बाद यह स्टे हटा लिया गया. 2007 में सीबीआई ने कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया. इसी साल 17 अगस्त को सीबीआई की विशेष अदालत ने सारी दलीले सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रखा. 25 अगस्त को अदालत अपना फैसला सुनाएगी.

इससे पहले डेरा सच्चा सौदा में साधु रहे हंसराज चौहान ने 17 जुलाई 2012 को हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर डेरा प्रमुख पर 400 साधुओ को नपुंसक बनाने का आरोप लगाया. इनमे से 166 साधुओ का हंसराज ने नाम भी बताया. उनका कहना था की डेरा प्रमुख के इशारे पर डेरा अस्पताल के डॉक्टर ऐसा करते है.

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