कांग्रेस के सीनियर नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने पार्टी लाइन से हटकर विनायक दामोदर सावरकर की तारीफ की है। सिंघवी ने कहा कि वीडी सावरकर एक मुकम्मल शख्स थे जिन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में हिस्सा लिया और वे देश के लिए जेल गए।

उन्होंने यह भी कहा कि वह निजी तौर पर सावरकर की विचारधारा से सहमत नहीं हैं।सिंघवी ने ट्वीट कर कहा, ”मैं व्यक्तिगत तौर पर सावरकर की विचारधारा से सहमत नहीं हूं लेकिन इस तथ्य को नकारा नहीं जा सकता कि वह निपुण व्यक्ति थे जिन्होंने आजादी की लड़ाई में भूमिका निभाई, दलित अधिकारों की लड़ाई लड़ी और देश के लिए जेल गए। यह कभी नहीं भूलना चाहिए।”

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘भारतीय सोच की ताकत उसका समावेशी होना है. आजादी की लड़ाई के कई आयाम हैं। कोई सावरकर की कट्टरता और उनके राष्ट्रवाद के हिंसक तत्व तथा गांधी के खिलाफ उनके हमले से सहमत नहीं हो सकता, लेकिन यह स्वीकार करना होगा कि उनके इरादे राष्ट्रवादी थे।’ उन्होंने महात्मा गांधी के संदेशों के प्रसार के लिए हिंदी सिनेमा की हस्तियों की मदद लेने की खातिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी तारीफ की।

सिंघवी का ये बयान ऐसे वक्त में आया है जब सोमवार को महाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभा के लिए चुनाव हो रहा है। महाराष्ट्र बीजेपी ने अपने घोषणा पत्र में कहा है कि सत्ता में आने पर वो सावरकर के लिए भारत रत्न की मांग करेगी। बीजेपी के इस घोषणापत्र आने के बाद कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने अपनी पहली प्रतिक्रिया में कहा था कि अगर सावरकर को भारत रत्न देने पर विचार होता है तो फिर इस देश को भगवान ही बचाए।

वहीं पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी मुंबई में कुछ दिन पहले एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि वे सावरकर के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन वे सावरकर की हिन्दुत्व की विचारधारा के खिलाफ हैं। मनमोहन सिंह ने यह भी कहा था कि इंदिरा गांधी ने सावरकर की स्मृति में डाक टिकट भी जारी किया था।

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