पिछले साल न्यूज़ीलैंड की क्राइस्टचर्च की एक मस्जिद में एक आतंकी ने मुस्लिमों से नफरत के चलते नमाज के दौरान अंधाधुंध गोलीबारी कर 51 लोगों की ह’त्या और 49 को घा’यल कर दिया था। इस घटना के बाद न्यूज़ीलैंड में इस्लाम अपनाने वालों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है।

ताजा मामला एक ईसाई परिवार से जुड़ा है। जहां एक ईसाई माँ और उनकी दो बेटियों ने इस्लाम कबूल किया है। इन महिलाओं ने यह कदम मुस्लिमों से प्रेरित होकर लिया है। सोनी विलियम्स बताती है कि न्यूज़ीलैंड के क्राइस्टचर्च में मस्जिदों पर ह’मले के बाद उन्होंने यह बड़ा फैसला लिया। साथ ही इस्लाम मज़हब में उन्होंने अपनी दो बेटियों का भी स्वागत किया।

क्राइस्टचर्च हमले ने पूरी दुनिया को हिला कर रख दिया था। हालांकि न्यूज़ीलैंड की पीएम जसेन्डा अडर्न और पूरा न्यूजीलेंड मुस्लिमों के समर्थन में आ गया था। अडर्न खुद मुस्लिम नमाज़ियों के परिजन से मिली और उन्हें आश्वासन भी दिया था। नमाज़ियों की शहादत पर ईसाई समीदाय ने मुस्लिमों के प्रति अपना पूर्ण समर्थन ज़ाहिर किया था। इसी के साथ ईसाईयों ने मुस्लिमों के सम्मान में मस्जिदों के बाहर फूल रखकर अपनी एकजुटता ज़ाहिर की थी।

पीएम जसेन्डा इस हादसे से काफी ग़मगीन रहीं और मुस्लिमों के समर्थन में हिजाब पहनकर जुमे की नमाज़ में शामिल हुई। साथ ही देश मे हथि’यार रखने को लेकर भी नया कानून बनाया गया जिसपर कई देशों ने पीएम जसेन्डा की प्रशंसा की।

वहीं दूसरी और हमलावर ब्रेंटन हैरिसन टैरंट ने भी हाई कोर्ट में पेश होकर अपना गुनाह कबूल कर लिया। हालांकि टैरंट ने पहले आरोप से इनकार किया था।  टैरंट ने मार्च में अपना गुनाह कबूल कर लिया था जिसके बाद मुस्लिम समुदाय को कुछ राहत मिली थी क्योंकि वे लंबे ट्रायल से गुजरने से बच गए थे।

Loading...
लड़के/लड़कियों के फोटो देखकर पसंद करें फिर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें

 

विज्ञापन