भारत और चीन के बीच लद्दाख में तनातनी के बाद दोनों देशों के बीच कमांडर स्तर की शांति वार्ता आयोजित की गई थी। लेकिन वार्ता के उलट चीनी सेना बॉर्डर पर एक बहुत बड़ा युद्धाभ्यास कर रही है, जिसमें हजारों की तादाद में सैनिकों ने भाग लिया है। इसके अलावा चीन के सरकारी अखबार ग्‍लोबल टाइम्‍स ने चीनी सेना (PLA) के टैकों के साथ युद्धाभ्‍यास का वीडियो जारी किया है।

ग्‍लोबल टाइम्‍स ने कहा कि चीनी पीएलए के सैनिक अपने आमर्ड वीकल की टेस्टिंग कर रहे हैं। पीएलए के इस वीडियो में चीनी सैनिक अपने टैंकों के साथ किसी पहाड़ी इलाके में अभ्‍यास कर रहे हैं। वही सिविल एयरलाइंस, लॉजिस्टिक ट्रांसपोर्ट, रेलवे आदि की मदद से हजारों की संख्या में सैनिकों को हुबेई प्रांत से सीमा पर भेजा गया है। हुबेई प्रांत चीन के मध्य में स्थित है और वहां से हजारों किलोमीटर की दूरी तय कर सैनिकों को सीमा पर भेजा गया है।

चीनी न्यूज चैनल्स की रिपोर्ट के अनुसार, सैनिकों के साथ ही भारी संख्या में हथियार, तोप और सप्लाई का सामान भेजा गया है। एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया कि चीन ने ईस्टर्न लद्दाख के आसपास भारत से जुड़े बॉर्डर के पास हेलिकॉप्टर की हलचल तेज़ कर दी है।

इन हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल लद्दाख के पास इकट्ठा हुए चीनी सैनिकों की मदद करने में किया जा रहा है। सके अलावा, चीनी सेना PLA के लड़ाकू एयरक्राफ्ट भी ईस्टर्न लद्दाख के पास LAC उड़ान भरते देखे गए हैं। 10-12 चीनी लड़ाकू विमानों को हुतान-गलगुन्सा बेस के पास तैनात किया गया है, जो ईस्टर्न लद्दाख के पास के इलाके हैं।

इतना ही नहीं, चीनी विमान ईस्टर्न लद्दाख के 30 किमी. अंदर तक उड़ान भरते हुए देखे जा चुके हैं जो अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुसार भारतीय सीमा के दस किमी. ही दूर है। बता दें कि रविवार को भारतीय विदेश मंत्रालय ने बयान जारी किया था कि दोनों देश सीमा विवाद के हल के लिए मिलिट्री और डिप्लोमैटिक तरीके से बातचीत पर सहमत हुए हैं। भारत की मांग है कि सीमा पर यथास्थिति बहाल की जाए।

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