सीरिया को लेकर तुर्की और अमेरिका आमने-सामने, हमला नहीं करने की दी चेतावनी

अमेरिका और तुर्की के बीच जारी तनाव खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। दोनों देश अब सीरिया में कार्रवाई को लेकर आमने-सामने है।

अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने बुधवार को तुर्की को चेतावनी कि यदि वह सीरिया पर हमला करता है तो इसके विनाशकारी परिणाम होंगे। पोम्पिओ ने तुर्की के विदेश मंत्री मेवलुत कावुसोग्लु से यहां वार्ता की। इसके बाद विदेश मंत्रालय एक बयान में कहा, ‘‘मंत्री पोम्पिओ ने पूर्वोत्तर सीरिया के संबंध में जारी वार्ता के प्रति समर्थन जताया और क्षेत्र में तुर्की की एकपक्षीय सैन्य कार्रवाई के संभावित विनाशकारी परिणामों को लेकर चेताया।

सीरिया से अमरीकी सेना की वापसी और देश में कुर्द मिलिशिया के खिलाफ तुर्की की लड़ाई की घोषणा के बाद सीरिया में एक नया गतिरोध शुरू हो गया है।

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तुर्की द्वारा रूस से एस-400 एंटी एयर मिसाइल सिस्टम खरीदे जाने के बाद एफ -35 ज्वाइंट स्ट्राइक फाइटर डील को वाशिंगटन द्वारा ख़ारिज करने के बाद दोनों राष्ट्रों में मतभेद उभर आए हैं। दोनों देशों के बीच वार्ता के बाद एक बयान में अमरीकी विदेश विभाग के प्रवक्ता रॉबर्ट पैलाडिनो ने कहा, ” विदेश सचिव पोम्पियो ने पूर्वोत्तर सीरिया के संबंध में चल रही बातचीत के लिए समर्थन व्यक्त किया। साथ ही क्षेत्र में एकतरफा तुर्की सैन्य कार्रवाई के संभावित विनाशकारी परिणामों की चेतावनी दी।”

तुर्की के उपराष्ट्रपति फिएट ओकटे ने पोम्पियो के बयान पर यह कहते हुए पलटवार किया कि अमरीका को चुनना चाहिए कि वह या तो तुर्की का सहयोगी बना रहे या आतंकवादियों के साथ सहयोग कर दोनों देशों की दोस्ती को खतरे में डाले। आपको बता दें कि पूर्वी सीरिया में कुर्द मिलिशिया के खिलाफ लड़ाई में तुर्की, अमरीका का प्राथमिक सहयोगी रहा है। अब जब अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दाएश की हार के बाद सीरिया से सेना को वापस लेने की घोषणा की है, तो एक बार फिर से अंकारा के लिए सीरिया में दखल का दरवाजा खुला दिखाई देता है।

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