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धार्मिक भेदभाव के आरोप झेल रही टेलिकॉम कंपनी एयरटेल ने बुधवार को पेश करते हुए कहा कि वह धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं करती।

एयरटेल ने सफाई दी कि वह किसी भी धार्मिक कट्‌टरता के आगे नहीं झुकी है। बीते 24 घंटों में बहुत कुछ कहा गया है, जो झूठ और गलत है। हम कभी भी धर्म, संप्रदाय या जाति के आधार पर किसी भी भेदभाव को स्वीकार नहीं करते। हम अपने एग्जीक्यूटिव को हमेशा ट्रेनिंग देते रहेंगे कि वो दुनिया को किसी भी तरह के भेदभाव के बिना देखें।

बता दें कि उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रहने वाली एंटी-मुस्लिम पूजा की डिमांड पर एयरटेल ने मुस्लिम प्रतिनिधि के बजाय सिख धर्म का प्रतिनिधि उपलब्ध कराया था। जिसके बाद से ही एयरटेल का कडा विरोध हो रहा है।

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जानकारी के अनुसार, पूजा ने एयरटेल के ट्विटर अकाउंट पर एयरेटल डिजिटल टीवी की समस्या को लेकर शिकायत की थी। एयरटेल की टीम की ओर से सोमवार दोपहर करीब तीन बजे शोएब नामक के प्रतिनिधि को पूजा की समस्या के समाधान के लिए नियुक्त किया गया था।

लेकिन पूजा ने उसकी सेवा लेने से इंकार कर दिया और कहा कि प्रिय शोएब, आप एक मुस्लिम हैं और मुझे आपके कार्य करने के लिए तरीके पर विश्वास नहीं है। क्योंकि कुरान में कस्टमर सर्विस का कोई अन्य तरीका होगा। इसलिए मैं आप से आग्रह करती हूं कि किसी हिंदू रिप्रजेंटेटिव को मदद के लिए असाइन करें। जिसके बाद एयरटेल ने पूजा से गगनजोत (सिख प्रतिनिधि) को भेजने को लेकर चर्चा की तो इस पर पूजा राजी हो गईं।

एयरटेल की इस हरकत की जमकर आलोचना हो रही है। जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी एयरटेल की आलोचना करते हुए ट्वीट किया, ”एयरटेल मैंने अपनी टाइमलाइन पर पूरी बातचीत पढ़ी। मैं अब कंपनी को एक रुपया नहीं दूंगा। मैं अपना नंबर पोर्ट करवाने की शुरुआत कर रहा हूं। इसके साथ ही डीटीएच और ब्रॉडबैंड की सुविधाएं भी बंद कर रहा हूं।”

ऐसे मे बड़े पैमाने पर एयरटेल का विरोध शुरू हो गया है। लोगों ने एयरटेल के खिलाफ धार्मिक भेदभाव का आरोप लगाते हुए एयरटेल बायकाट की मुहिम छेड़ दी है। यूजर अपने कनैक्शन पोर्ट करा रहे है।

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