बिहार विधानसभा चुनाव में शर्मनाक प्रदर्शन के बाद कांग्रेस पहले ही निशाने पर है। अब पार्टी की बैठक में हुए हंगामे ने रही कसर भी पूरी कर दी। बिक्रम विधायक सिद्धार्थ शर्मा को कांग्रेस विधायक दल का नेता बनाने को लेकर कांग्रेसी आपस में झगड़ पड़े। गाली-गलौज से शुरू बवाल हाथापाई पर जाकर खत्म हुआ।

‘दैनिक भास्कर’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक कांग्रेस की बैठक में बिक्रम विधायक सिद्धार्थ शर्मा को कांग्रेस विधायक दल का नेता बनाने की मांग उठी। जिसके बाद नेताओं के बीच गाली-गलौज से लेकर हाथापाई तक हो गई। कार्यकर्ताओं ने विधायक विजय शंकर दूबे को विधायक दल का नेता नहीं बनाने की भी मांग की। जिसके बाद दोनों नेताओं के समर्थक आपस में भीड़ गए और मारपीट और गाली गलौज करने लगे।

बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्य मंत्री भूपेश बघेल और बिहार के ऑब्जर्वर अविनाश पांडेय भी मौजूद थे। वहीं महागठबंधन में कांग्रेस की भूमिका को लेकर भी दरार छिड़ सकती है। कम्‍युनिस्‍ट दल चुनाव में हार के लिए कांग्रेस के खराब प्रदर्शन को जिम्‍मेदार ठहरा रहे।

वहीं पार्टी महासचिव तारिक अनवर ने भी कहा कि कांग्रेस के कमजोर प्रदर्शन के कारण ही महागठबंधन की सरकार नहीं बन पाई। उन्होंने कहा कि ऐसे में उनकी पार्टी को आत्मचिंतन करना चाहिए कि उससे चूक कहां हुई। उन्होंने कहा, बिहार चुनाव : भले ही भाजपा गठबंधन येन केन प्रकारेण चुनाव जीत गया, परन्तु सही में देखा जाए तो ‘बिहार’ चुनाव हार गया। क्योंकि इस बार बिहार परिवर्तन चाहता था। 15 वर्षों की निकम्मी सरकार से छुटकारा-बद हाली से निजात चाहता था।’

उन्होने ये भी कहा कि बिहार में कांग्रेस की हार का सबसे बड़ा कारण उम्मीदवारों के चयन में हुई गलतियां हैं। पूर्व सांसद ने कहा कि प्रचार और कमान संभालने में चूक भी हार की बड़ी वजह है, यही कारण है कि पार्टी में फिलहाल बड़े बदलाव की जरूरत है। तारिक ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वो आलाकमान के सामने पार्टी के अंदर हो रही सारी चीजों को रखेंगे।

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