नई दिल्ली – एस.सी/ एस.टी एक्ट को लेकर दलितो ने भारत बंद कर दिया है। इस बंद के दौरान कई शहरो से हिंसा की खबरें भी आई हैं, सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने दलितो की इस हिंसा को करणी सेना की हिंसा के समान बताया है, जिस पर एबीपी न्यूज के एंकर अभिसार शर्मा ने आपत्ती दर्ज की है। उन्होंने एक के बाद एक कई ट्वीट करके करणी सेना पर निशाना साधा है।

अभिसार ने कहा है कि सियासी आंदोलन मे हिंसा को जायज़ नहीं ठहराया जा सकता. दलित चेतना, और  उनके मुद्दे जायज़ हैं, मगर ये अराजकता स्वीकार्य नहीं। उन्होंने दलितों द्वारा किये गये भारत की बंद की तुलना करणी सेना से करने वाले एक यूजर को जवाब देते हुए कहा कि ये तुलना बेमानी है. दलित अपने स्वाभिमान की लड़ाई लड़ रहा है. पद्मावत फ़िल्म में आपत्ति उस बात पर थी जो फ़िल्म मे थी ही नहीं. प्राथमिकताएं अजीब हैं आपकी. दलित आंदोलन की हिंसा को भी चैनल पर गलत ठहराया है मैंने।

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उन्होंने आगे कहा कि दलितों पर लगातार हो रहे हमलों पर ना भूलें नरेन्द्र मोदी ने क्या कहा था! ‘मेरे दलित भाइयों को मत मारिये.. मुझे मार दीजिए’. जब मोदीजी उन पर अत्याचार को स्वीकार कर चुके हैं, तो IT CELL के संस्कारी भक्तों को क्या दिक्कत है?

अभिसार ने कहा कि संस्कारी भक्त.. करनी सेना की हर हिंसा और अराजकता को जायज़ ठहराते हैं जब वो ऐसे मुद्दे पर लोगों को निशाना बनाते हैं जिसका कोई वजूद नहीं, यानी रानी का अपमान नहीं, तो भी बवाल. मगर दलितों के स्वाभिमान की लड़ाई पर इनके शब्दों से टपकती घृणा देखिए.