समाजवादी पार्टी की सदस्य जया बच्चन ने राजस्थान के जयपुर में फिल्म ‘पद्मावती’ के सेट पर राजपूत करणी सेना के कार्यकर्ताओ द्वारा संजय लीला भंसाली के साथ मारपीट और तोड़फोड़ को मामला आज आज राज्यसभा में शून्यकाल के दौरान उठाया.

उन्होंने कहा कि हमारे संविधान में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता दी गई है लेकिन हालिया समय में असहिष्णुता की घटनाओं में वृद्धि हुई है और ज्यादातर मामलों में यह कथित राजनीतिक संरक्षण के चलते हुआ है. जो लोग इस तरह की घटनाओं को अंजाम देते हैं उनका कानून व्यवस्था से कोई लेना देना नहीं होता.

जया बच्चन ने इस मामले को इंटॉलरेंस से जोड़ते हुए कहा- ”रचनाशीलता के साथ ऐसा बर्ताव नहीं होना चाहिए. सियासी संरक्षण के प्रभाव में आकर देश में कुछ लोग सोचते हैं कि वो लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं और इसकी वजह से इंटॉलरेंस होती है. उन्होंने कानून-व्यवस्था को अपने हाथ में लेना शुरू कर दिया है. उनकी नज़र में संवैधानिक मूल्यों या कानून-व्यवस्था का कोई सम्मान नहीं है. फ़िल्म समुदाय काफी वक़्त से इस मुसीबत से लड़ा रहा है, जिसमें सरकार का सहयोग या तो बिल्कुल नहीं मिलता या कम मिलता है.”

जया ने कहा कि हाल ही में निर्माता निर्देशक संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावती’ की जयपुर में शूटिंग के दौरान इसके सेट पर तोडफ़ोड़ की गई, महंगे उपकरण नष्ट किए गए और भंसाली पर हमला किया गया. उन्होंने कहा कि भंसाली जानामाना नाम हैं और उनके साथ इस तरह की घटनाएं नहीं होनी चाहिए.

जया ने कहा कि भंसाली ऐसे पहले भारतीय निर्देशक हैं जिन्होंने वर्ष 2008 में ‘पद्मावती’ ऑपेरा का पेरिस के थिएटर दू शैटेलेट में निर्देशन किया था.

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