Monday, July 26, 2021

 

 

 

राजनितिक नफ़े के लिए सभी मुसलमानों को एक नजर से देखे जाने की जरूरत नहीं: शबाना आज़मी

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बॉलीवुड अभिनेत्री शबाना आजमी ने तुच्छ राजनीतिक फायदों के लिए सभी मुसलमानों को एक नजर से देखे जाने की आलोचना की हैं. उन्होंने कहा कि संकीर्ण राजनीतिक लाभ के लिए सभी मुस्लिमों को एक तरीके से देखना बंद किया जाना चाहिए.

ब्रिटिश संसद परिसर में आयोजित एक समारोह में शबाना ने कहा, मुझे किसी एक नजरिए से मत देखिए, अपनी इच्छा के मुताबिक मुझे सीमित करने का प्रयास मत करिए. तुच्छ राजनीतिक फायदों के लिए माहौल का ध्रवुीकरण मत करिए और लोगों को आदर्श समुदाय बनाने के लिए विवश मत करिए. आदर्श समुदाय जो महिला, दलित, आदिवासी अथवा किसी अन्य नाम से हो सकता है जिसका इस्तेमाल मुझे अलहदा महसूस कराने के लिए किया जा सकता है.

शबाना ने कहा, ‘अगर आप मुझसे पूछेंगे तो मैं कहूंगी कि मैं एक महिला, एक भारतीय, एक बेटी, एक पत्नी एक एक्ट्रेस, मुसलमान, एक्टिविस्ट सबकुछ हूं. मुस्लिम होना मेरे इन सब पहलुओं में से एक है. लेकिन पूरी दुनिया में ऐसे ठोस प्रयास हो रहे हैं जिससे पहचान को सिर्फ धर्म तक सीमित किया जा रहा है. मेरे बाकी पहलुओं को जैसे नजरअंदाज ही कर दिया जाता है.’

उन्होंने कहा, तमाम मुसलमानों को एक रंग में रंग देने से एक व्यक्ति की पहचान को आकार देने वाली संस्कृति की जटिल परतें कम होने की स्थिति पैदा हो सकती है. मेरे लिए मुसलमान होने का मतलब है उर्दू, बिरयानी, ईद, उर्दू जबान और मेरी गंगा जमनी तहजीब, मेरी मिली-जुली संस्कृति.

शबाना ने कहा, मैं भारतीय मुस्लिम हूं और मैं सउदी अरब के मुस्लिम के साथ कोई लगाव महसूस नहीं करती. मैं मेरे भारतीय हिंदुओं, भारतीय इसाइयों और भारतीय सिख दोस्तों के साथ कहीं ज्यादा अपनाइयत महसूस करती हूं. हमारा साझा इतिहास है, साझा पहचान है और साझा मुस्तकबिल है.

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