चैनल मेरे बचाव में आ सकता था: किकू

2:26 pm Published by:-Hindi News
The channel could have come to my rescue: Kiku

धर्मगुरु गुरमीत राम रहीम सिंह की नक़ल उतारने के आरोप में गिरफ़्तार और कुछ घंटे सलाखों के पीछे गुज़ारने वाले हास्य कलाकार किकू शारदा का कहना है कि ‘पुलिसवालों पर किस तरह का प्रेशर था, यह तो मैं नहीं कह सकता, पर ये तरीक़ा बहुत ग़लत था.’

kiku

बीते साल 27 दिसंबर को एक टीवी चैनल पर प्रसारित कार्यक्रम में किकू को गुरमीत राम रहीम सिंह की नक़ल उतारते दिखाया गया था.

उन्हें हरियाणा पुलिस ने मुंबई से गिरफ़्तार कर कैथल में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नंदिता कौशिक की अदालत में पेश किया था.

इस पूरे मामले में पुलिस के रवैये से किकू थोड़े डरे हुए हैं.

गुरमीत राम रहीम सिंह और किकूउन्होंने बताया कि पुलिस की एक टीम बिना सम्मन उनके घर आई थी और उन्हें हरियाणा ले गई थी.

उन्होंने बताया, ”मैं यह दावे के साथ कह सकता हूँ कि पुलिस भी कहीं न कहीं यह जानती होगी कि उनका रवैया मेरे मामले में ठीक नहीं था. हम अगर क़ानून की भी बात करें तो ये कौन सा क़ानून है जो आपको बिना कोई सम्मन दिए उठाकर ले जाती है?”

किकू के कई साथी कलाकार उनके समर्थन में आए, पर उन्हें इस कार्यक्रम को प्रसारित करने वाले चैनल से नाराज़गी है.

किकू कहते हैं, ”मुझे गुरमीत राम रहीम सिंह के बारे में ज़्यादा नहीं पता था पर जिन्होंने यह प्रोग्राम बनाया था, उन्हें तो पता होना चाहिए था.”

किकूवे कहते हैं, ”अगर मैं फंस भी गया तो भी वह चैनल मेरे बचाव में आ सकता था और कह सकता था कि इसमें किकू की कोई ग़लती नहीं थी.”

किकू ने यह भी बताया कि जब 27 दिसंबर को शो टेलिकास्ट हुआ तो उन्हें सोशल नेटवर्किंग साइट ट्विटर पर लोगों के संदेश मिलने शुरू हो गए थे और उन्होंने शो के प्रोड्यूसर से इसका ज़िक्र भी किया था पर उन्होंने इसे हल्के में लिया.

किकू पर भारतीय दंड संहिता की धारा 295-ए के तहत मामला दर्ज किया गया था जिसमें किसी धार्मिक मान्यता या भावना को आहत करने पर कार्रवाई की जाती है.

किकू कहते हैं, ”यह धारा ठीक से परिभाषित नहीं है और हमें इस पर एक बार चर्चा करने की आवश्यकता है.”

उनका कहना है कि वह इस मामले के बाद आगे और भी अधिक सतर्कता बरतेंगे.

साभार http://www.bbc.com/

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