संजय बारू की किताब ‘द एक्सिडेंटल प्राइम मिनिस्टर : द मेकिंग एंड अनमेकिंग ऑफ मनमोहन सिंह’ पर आधारित फिल्म ‘द एक्सिडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ को लेकर पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एम. के. नारायणन ने मंगलवार को कहा कि इसमें किये गए 80 प्रतिशत दावे ‘‘झूठे’’ हैं।

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के करीबी माने जाने वाले पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) ने आरोप लगाया कि बारू ने 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान पैसा कमाने के लिए किताब लिखी।

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भारत चैंबर ऑफ कॉमर्स के साथ एक सत्र में नारायणन ने कहा कि यह किताब पूरी तरह झूठ पर आधारित है। उनके 80 प्रतिशत दावे झूठे हैं। (सरकार में) वह इतने बड़े नहीं थे। उनका कोई महत्व नहीं था।उन्होंने आरोप लगाया कि मीडिया सलाहकार के तौर पर बारू सही से काम नहीं कर पाए और 2008 में चले गए क्योंकि उन्हें लगा कि कांग्रेस नीत संप्रग सरकार सत्ता में वापस नहीं आएगी।

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पूर्व आईपीएस अधिकारी ने कहा, ‘‘(किताब की) विषयवस्तु पूरी तरह उनका अपना नजरिया है।’’ मनमोहन सरकार की बड़ी उपलब्धियों में से एक भारत-अमेरिका परमाणु समझौते में नारायणन की महत्वपूर्ण भूमिका रही थी।

बता दें इस फिल्म को लेकर काफी विवाद देखने को मिला है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस फिल्म पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसा था। उन्होंने कहा था कि ”अगर एक्सिडेंटल प्राइम मिनिस्टर पर फिल्म है तो डिजास्ट्रस प्राइम मिनिस्टर टाइटल से भी एक फिल्म बननी चाहिए। यह भविष्य में बनाई जाएगी। किसी को बख्शा नहीं जाएगा।”

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